अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (एपीएसईजेड) नीदरलैंड की कंपनी इवोस बीवी में 100 प्रतिशत हिस्सेदारी का 2.56 अरब यूरो के उद्यम मूल्य पर अधिग्रहण करेगी. इवोस यूरोप की दूसरी सबसे बड़ी स्वतंत्र तरल भंडारण परिचालक कंपनी है. अदाणी समूह की कंपनी ने गुरुवार को कहा कि इग्नियो इन्फ्रास्ट्रक्चर पार्टनर्स से किया जाने वाला यह अधिग्रहण सौदा पूरी तरह नकद में होगा. इसमें इवोस का इक्विटी मूल्य 1.18 अरब यूरो आंका गया है. यह अधिग्रहण कैलेंडर वर्ष 2025 के ईवी/ईबीआईटीडीए के 11.7 गुना मूल्यांकन पर आधारित है.
एपीएसईजेड के मुताबिक, इवोस ने वर्ष 2025 में 39.2 करोड़ यूरो का राजस्व और 21.9 करोड़ यूरो का ईबीआईटीडीए (ब्याज, कर, मूल्यह्रास और परिशोधन से पहले की आय) दर्ज किया था. उसका ईबीआईटीडीए मार्जिन 56 प्रतिशत रहा था. बयान के मुताबिक, इस अधिग्रहण के लिए कर्ज के जरिये वित्तपोषण किया जाएगा. सौदा नियामकीय एवं अन्य मंजूरियों तथा कर्मचारी परिषद से परामर्श के अधीन है.
एपीएसईजेड के प्रबंध निदेशक करण अदाणी ने कहा, ‘इवोस का हमारे पोर्टफोलियो में स्वागत करते हुए हमें खुशी हो रही है. इससे दुनिया के प्रमुख तरल भंडारण और ऊर्जा केंद्रों में हमारी मौजूदगी मजबूत होगी. हम यूरोप के साथ साझेदारी करने और उसके टिकाऊ ऊर्जा बदलाव में सहयोग देने के साथ दीर्घकालिक मूल्य सृजित करने के लिए उत्सुक हैं. इस दौरान हम वित्तीय अनुशासन बनाए रखेंगे, जो हमारी वृद्धि का आधार है.’
एपीएसईजेड ने कहा कि इस अधिग्रहण से यूरोप में उसका तरल भंडारण कारोबार मजबूत होगा. इवोस के पांच देशों में आठ बंदरगाह आधारित टर्मिनल हैं. इनकी कुल भंडारण क्षमता 63 लाख घन मीटर है. कंपनी ने 2025 में 3.7 करोड़ टन माल का परिचालन किया था. इवोस के टर्मिनल नीदरलैंड, जर्मनी, स्पेन, बेल्जियम और माल्टा में स्थित हैं. इनमें एम्स्टर्डम-रॉटरडैम-एंटवर्प क्षेत्र, हैम्बर्ग और भूमध्यसागर के प्रमुख ऊर्जा एवं औद्योगिक केंद्र शामिल हैं.
इवोस के टर्मिनलों में 452 भंडारण टैंक और जहाजों तथा मालवाहक नौकाओं के लिए 63 बर्थ हैं. इनके अलावा, हवाई अड्डों और मध्य यूरोप की पाइपलाइन प्रणाली से जुड़ी सुविधाएं भी हैं. कंपनी पेट्रोल, गैस ऑयल, समुद्री ईंधन और विमानन ईंधन के अलावा टिकाऊ विमानन ईंधन (एसएएफ), जैव ईंधन, मेथनॉल और जैव एथनॉल जैसे वैकल्पिक ईंधनों का भी भंडारण करती है.
एपीएसईजेड ने कहा कि इस अधिग्रहण से उसके कारोबार में भौगोलिक विविधता बढ़ेगी और नकदी प्रवाह मजबूत होगा. इवोस के जुड़ने के बाद कंपनी की वैश्विक मौजूदगी 10 देशों में 28 बंदरगाहों और टर्मिनलों तक पहुंच जाएगी. इवोस के कारोबार में औसत वाणिज्यिक क्षमता उपयोग 99 प्रतिशत है. उसके राजस्व का बड़ा हिस्सा न्यूनतम भुगतान की गारंटी वाले अनुबंधों और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) से जुड़े अनुबंधों से आता है. इससे कारोबार को स्थिर नकदी प्रवाह मिलता है.
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