देश के रियल एस्टेट मार्केट से एक बड़ा और चौंकाने वाला अपडेट सामने आया है। यदि आप दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR), मुंबई या बेंगलुरु जैसे बड़े महानगरों में अपने सपनों का आशियाना खरीदने की सोच रहे थे, तो आपकी जेब पर अब भारी बोझ पड़ने वाला है। रियल एस्टेट कंसलटेंट फर्म एनरॉक (ANAROCK) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, मजबूत मांग और इनपुट कॉस्ट में बढ़ोतरी के चलते देश के टॉप 7 प्रमुख शहरों में घरों की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखा गया है, जिसमें दिल्ली-एनसीआर पूरे देश में शीर्ष पर रहा है।
हालांकि, कीमतों में आई इस तेज बढ़ोतरी का असर अब घरों की बिक्री पर भी दिखने लगा है। बढ़ती कीमतों और होम लोन की दरों के दबाव के कारण देश के इन 7 बड़े शहरों में आवासीय संपत्तियों (Housing Sales) की कुल बिक्री में 6 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।
एनरॉक रिपोर्ट में सामने आईं ये बातें
दामों में रिकॉर्ड उछाल: देश के टॉप 7 शहरों में आवासीय संपत्तियों की औसत कीमतों में सालाना आधार पर भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
दिल्ली-NCR बना सबसे महंगा: घर की कीमतों के मामले में दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) ने सभी महानगरों को पीछे छोड़ दिया है। यहां प्रॉपर्टी के दाम सबसे ज्यादा 13 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं।
बिक्री में मंदी के संकेत: जहां एक तरफ कीमतें आसमान छू रही हैं, वहीं दूसरी तरफ खरीदारों के बजट से बाहर होने के कारण आवासीय इकाइयों (Housing Units) की कुल बिक्री में 6% की वॉल्यूम गिरावट देखी गई है।
प्रमुख महानगरों का हाल: कहां कितनी बदली कीमतें?
एनरॉक के आंकड़ों के अनुसार, यह मंदी और मूल्य वृद्धि केवल दिल्ली-एनसीआर तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के अन्य आर्थिक केंद्रों में भी रियल एस्टेट के समीकरण बदल रहे हैं।
- दिल्ली-NCR में 13% से ज्यादा इजाफा हुआ है। देश में सबसे ज्यादा वृद्धि है ये। कीमतों में भारी उछाल के कारण बिक्री में गिरावट दर्ज की गई है।
- मुंबई मेट्रोपॉलिटन (MMR) में स्थिर से मध्यम बढ़त हुई है। प्रीमियम और लक्जरी सेगमेंट में मांग बरकरार है यहां।
- बेंगलुरु और हैदराबाद में मजबूत एकल-अंक (Single-digit) वृद्धि हुई है। आईटी सेक्टर्स के आसपास रेजिडेंशियल मांग मजबूत हुई है।
क्यों महंगे हो रहे हैं घर और क्यों घटी बिक्री?
रियल एस्टेट एक्सपर्ट्स के अनुसार, बाजार में इस तरह के प्राइस शॉक के पीछे दो मुख्य कारण काम कर रहे हैं।
सप्लाई और इनपुट कॉस्ट: निर्माण सामग्री (सीमेंट, स्टील और लेबर) की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी की वजह से डेवलपर्स ने अपनी परियोजनाओं की कीमतें बढ़ा दी हैं। इसके अलावा, प्रमुख लोकेशंस पर रेडी-टू-मूव-इन (तुरंत रहने योग्य) घरों की सीमित सप्लाई ने प्रीमियम बढ़ा दिया है।
बायर्स का वेट-एंड-वॉच मोड: कीमतें अचानक 13% तक बढ़ जाने के कारण मिड-सेगमेंट और किफायती (Affordable) आवास श्रेणी के खरीदार अब कुछ समय के लिए रुक गए हैं, जिससे कुल बिक्री का आंकड़ा 6% नीचे आ गया है।
विशेषज्ञों की राय: एनरॉक की रिपोर्ट संकेत देती है कि बाजार अब ‘लक्जरी और प्रीमियम’ संपत्तियों की तरफ ज्यादा झुक रहा है। जो लोग निवेश या रहने के लिए घर तलाश रहे हैं, उन्हें अब अपने बजट को री-एडजस्ट करना होगा क्योंकि आने वाले महीनों में कीमतों में बड़ी कटौती की संभावना बेहद कम है।
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