अदाणी ग्रुप (Adani Group) का हिस्सा और भारत की प्रमुख सीमेंट कंपनियों में शामिल अंबुजा सीमेंट्स (Ambuja Cements Limited) ने अपने बिजनेस को एक नए मुकाम पर ले जाने की पूरी तैयारी कर ली है. कंपनी ने अपने विस्तार (Expansion Plan) के अगले चरण की घोषणा की है, जिसके तहत ~30 MTPA (मिलियन टन प्रति वर्ष) की नई सीमेंट क्षमता जोड़ी जाएगी. इस पूरे मेगा प्रोजेक्ट पर कंपनी करीब 14,500 करोड़ रुपये का बड़ा निवेश (Capex) करने जा रही है. जानिये अंबुजा सीमेंट का यह प्लान क्या है, किन राज्यों में नए प्लांट लगेंगे और इससे कंपनी को क्या-क्या फायदे होंगे.
क्या है अंबुजा सीमेंट का मेगा प्लान?
कुल निवेश (Capex): लगभग ₹14,500 करोड़.
नई क्षमता (New Capacity): 30 MTPA (मिलियन टन प्रति वर्ष).
लक्ष्य (Goal): वित्त वर्ष 2030 (FY30) तक कुल सीमेंट क्षमता को बढ़ाकर 155 MTPA करना.
मौजूदा क्षमता: फिलहाल कंपनी की क्षमता 113.5 MTPA है (जिसमें 24 इंटीग्रेटेड प्लांट और 24 ग्राइंडिंग यूनिट्स शामिल हैं).
मार्च 2027 का टारगेट: चालू वित्त वर्ष के उत्तरार्ध (H2 FY27) तक क्षमता 119 MTPA तक पहुंचने की उम्मीद है.
किन-किन राज्यों और शहरों में लगेंगे नए प्लांट?
कंपनी पूर्वी, पश्चिमी और उत्तरी भारत के उन राज्यों पर फोकस कर रही है, जहां सीमेंट की मांग बहुत तेजी से बढ़ रही है:
A. वेस्ट क्लस्टर (West Cluster – ~15.5 MTPA)
गुजरात: मुंद्रा (2.9 MTPA) और हजीरा (2.9 MTPA).
महाराष्ट्र: रायगढ़ (2.9 MTPA), कल्याण (2.9 MTPA), अमरावती (2.9 MTPA) और डहाणू (0.7 MTPA).
B. ईस्ट क्लस्टर (East Cluster – 11.6 MTPA)
असम: रंगिया (2.9 MTPA) और होजई (2.9 MTPA).
बिहार: मुजफ्फरपुर (2.9 MTPA).
झारखंड: गोड्डा (2.9 MTPA).
C. नॉर्थ क्लस्टर (North Cluster – 2.9 MTPA)
उत्तर प्रदेश: दादरी लाइन 2 (2.9 MTPA).
इसके अलावा, क्लिंकर क्षमता (Clinker Capacity) बढ़ाने के लिए असम के उमरांग्सो (4 MTPA), महाराष्ट्र के मराठा (4 MTPA) और गुजरात के मुंद्रा (2.3 MTPA) में भी नए प्रोजेक्ट लगाए जाएंगे.
इस बड़े प्लान से क्या फायदा होगा?
अदाणी ग्रुप (सीमेंट बिजनेस) के सीईओ विनोद बाहेती के अनुसार, इस विस्तार से केवल उत्पादन ही नहीं बढ़ेगा, बल्कि कंपनी की लागत भी काफी कम होगी. नए प्लांट सीधे उन बाजारों के पास लगाए जा रहे हैं जहां मांग ज्यादा है. इससे ट्रांसपोर्ट (लॉजिस्टिक्स) का खर्च घटेगा. कंपनी का लक्ष्य वित्त वर्ष 2028 (FY28) तक अपनी लागत घटाकर ₹4,000 प्रति मीट्रिक टन (PMT) के स्तर पर लाना है.प्रीमियम सीमेंट और मजबूत सप्लाई चेन की मदद से कंपनी प्रमुख राज्यों में अपनी बाजार हिस्सेदारी (Market Share) बढ़ाएगी.
पहले से जारी प्रोजेक्ट्स का क्या स्टेटस है?
कंपनी ने दाहेज (गुजरात), सलाई बनवा (उत्तर प्रदेश) और कलंबोली (महाराष्ट्र) में हाल ही में 4.6 MTPA की क्षमता जोड़ी है. पंजाब (बठिंडा – 1.2 MTPA), राजस्थान (जोधपुर पेन – 2 MTPA) और बिहार (वारिसलीगंज – 2.4 MTPA) में काम जारी है, जो मार्च 2027 तक पूरा हो जाएगा.
अंबुजा सीमेंट्स का यह ₹14,500 करोड़ का विस्तार प्लान न केवल कंपनी के नेटवर्क को मजबूत करेगा, बल्कि देश के बुनियादी ढांचे (Infrastructure) के विकास में भी अहम भूमिका निभाएगा. 2030 तक 155 MTPA की क्षमता हासिल करके अंबुजा सीमेंट भारतीय बाजार में अपनी स्थिति को और भी अधिक मजबूत करने की राह पर अग्रसर है.