Onion Price Hike: मानसूनी बारिश का सबसे ज्यादा असर सब्जियों की फसलों पर पड़ा है। टामटर समेत तमाम पर सब्जियों के दाम सातवें आसमान पर हैं। बीते दो महीनों से टमाटर की बढ़ी (Tomato Price Hike) हुई कीमतों ने लोगों के जायके को बिगाड़ रखा है और अब प्याज उनके आखों से आंसू निकालने की तैयारी में है। सब्जी मंडियों के जानकारों की मानें तो जल्द ही आम उपभोगताओं की जेब पर प्याज का भी दवाब बढ़ने वाला है। एशिया की सबसे बड़ी प्याज मंडी, लासलगांव (महाराष्ट्र) कृषि बाजार समिति के सचिव नरेंद्र वाधवाने के मुताबिक पिछले दिनों हुई भारी बारिश के कारण भंडारित प्याज को बहुत ही नुकसान हुआ है और मंडी में प्याज की आपूर्ति में लगातार कमी देखी जा रही है। हालांकि एक रिपोर्ट के मुताबिक राहत की बात ये है कि प्‍याज का सरकार के पास करीब ढाई लाख टन का रिजर्व है। ऐसे में प्‍याज के दाम बढ़ने पर इसे काबू में लाने के लिए सरकार इसे बाजार में उतार सकती है। यह भी पढ़ें- टमाटर बेच करोड़पति बना किसान, SUV खरीदी, अब शादी के लिए ढूंढ रहा दुल्हन बाजार के जानकारों के मुताबिक वैसे भी अगस्त-सितंबर के महीने में अक्‍सर प्‍याज के स्‍टॉक में गिरावट आती है और प्‍याज के दाम बढ़ते हैं। वहीं प्याज की अगली फसल अक्टूबर में आती है। फिलहाल प्याज 30 रुपये प्रति किलो के करीब बिक रही है। लेकिन बाजार के जानकारों की माने तो अगले महीने तक प्याज की कीमत 60 से 70 रुपये प्रति किलो तक पहुंचने की संभावना है। साथ ही इन लोगों का अनुमान है कि प्याज की कीमतों में यह बढ़ोतरी 2020 के उच्‍चतम स्‍तर से नीचे ही रहेगा। यह भी पढ़ें- Petrol Price: दो रुपये प्रति लीटर यहां बिकता है पेट्रोल, जानें पाकिस्तान समेत 6 देशों में कीमत इस बीच कहा जा रहा है कि इस साल प्याज की कम खेती हुई है। बताया जा रहा है कि प्‍याज की कीमत में कमी के कारण किसानों ने इस बार प्‍याज की कम खेती की है। इस साल प्याज की खेती का रकबा 8 फीसदी घटेगा। इससे प्याज खरीफ का उत्पादन 5 फीसदी तक गिर सकता है। और पढ़िए – देश से जुड़ी अन्य बड़ी ख़बरें यहां पढ़ें