अदाणी समूह की सीमेंट कंपनी एसीसी लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं. जुलाई से सितंबर 2026 की अवधि में कंपनी की परिचालन आय 5,689 करोड़ रुपये रही, जबकि परिचालन EBITDA 401 करोड़ रुपये दर्ज किया गया. कंपनी का परिचालन EBITDA मार्जिन 7 प्रतिशत रहा. इस दौरान सीमेंट बिक्री की मात्रा 97 लाख टन से अधिक रही. कंपनी ने कारोबार में प्रीमियम उत्पादों की हिस्सेदारी बढ़ाने और उत्पादन क्षमता के विस्तार पर अपना ध्यान बनाए रखा.
एसीसी का मुनाफा 93 करोड़ रुपये रहा
एसीसी के वित्तीय नतीजों के मुताबिक, सितंबर तिमाही में कंपनी का कर पश्चात मुनाफा (PAT) 93 करोड़ रुपये रहा. वहीं, प्रति शेयर आय (EPS) 4.9 रुपये दर्ज की गई. कंपनी का परिचालन EBITDA प्रति टन 414 रुपये रहा. हालांकि, पिछले साल की समान तिमाही से वित्तीय आंकड़ों की सीधी तुलना करते समय सावधानी जरूरी है, क्योंकि मूल कंपनी अंबुजा सीमेंट्स के साथ हुए एमएसए के तहत अधिक मात्रा में कारोबार का प्रभाव नतीजों पर पड़ा है.
कंपनी ने बताया कि दूसरी तिमाही में प्रीमियम उत्पादों की हिस्सेदारी कुल ट्रेड बिक्री में 47 प्रतिशत रही. वहीं, ब्लेंडेड सीमेंट की हिस्सेदारी बढ़कर 85 प्रतिशत हो गई, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 78 प्रतिशत थी. कंपनी की कुल सीमेंट बिक्री 9.72 मिलियन टन रही.
उत्पादन क्षमता में 3.4 MTPA की बढ़ोतरी
एसीसी ने उत्तर प्रदेश के सलाई बनवा में 2.4 MTPA क्षमता वाली नई सीमेंट ग्राइंडिंग यूनिट शुरू की है. इसके अलावा महाराष्ट्र के कलांबोली में एक सीमेंट ब्लेंडिंग यूनिट के जरिये 1.0 MTPA अतिरिक्त सीमेंट क्षमता जोड़ी गई है. इन दोनों परियोजनाओं से कंपनी की कुल उत्पादन क्षमता में 3.4 MTPA का इजाफा हुआ है. रेडी-मिक्स कंक्रीट (RMC) कारोबार में भी कंपनी ने बढ़त दर्ज की. दूसरी तिमाही में इसकी बिक्री मात्रा सालाना आधार पर 19 प्रतिशत बढ़कर 1.07 मिलियन घन मीटर रही. पहली छमाही में यह आंकड़ा 2.04 मिलियन घन मीटर तक पहुंच गया.
अंबुजा सीमेंट्स के साथ विलय की दिशा में प्रगति
एसीसी के लिए अंबुजा सीमेंट्स के साथ प्रस्तावित विलय भी एक अहम घटनाक्रम है. 29 सितंबर 2026 को हुई बैठक में दोनों कंपनियों के शेयरधारकों ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दी. अब योजना अंतिम मंजूरी के लिए राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (NCLT) के समक्ष आगे बढ़ेगी. जरूरी नियामकीय और वैधानिक मंजूरियां मिलने पर वित्त वर्ष 2026-27 में विलय पूरा होने की उम्मीद है.
कंपनी ने दूसरी तिमाही में ग्रीन पावर की हिस्सेदारी बढ़ाकर 34.4 प्रतिशत कर ली, जो एक साल पहले 30.3 प्रतिशत थी. इसके अलावा, एसीसी का नेटवर्थ 20,680 करोड़ रुपये रहा और कंपनी ने कर्ज-मुक्त बैलेंस शीट बनाए रखी. कंपनी के मुताबिक, बुनियादी ढांचे पर सरकारी खर्च, शहरीकरण और आवास क्षेत्र की मांग आने वाले समय में सीमेंट उद्योग को सहारा दे सकती है.