अदाणी फाउंडेशन के गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग सेंटर का शिलान्यास,1500 महिलाओं को मिलेगा रोजगार
Author: Amit Kasana
Jan 10, 2025 06:49 PM IST
Adani Foundation Garment Manufacturing & Training Center inaugurated: मध्यप्रदेश के ग्राम बूढ़ा डोंगर में अदाणी फाउंडेशन की मदद से गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग एवं प्रशिक्षण केंद्र का गुरुवार को शिलान्यास किया गया है। केंद्र का शिलान्यास केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने की। इस परिधान निर्माण एवं प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना से बदरवास और उसके आसपास के 40 गांवों के स्व सहायता समूहों से जुड़ी 3000 से अधिक महिलाओं को सिलाई सीखने का अवसर मिलेगा और करीब 1500 महिलाओं को सीधे तौर पर रोजगार कमाने का अवसर मिलेगा। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश सरकार के उर्जा मंत्री और शिवपुरी के प्रभारी मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर भी मौजूद रहे।
जानकारी के अनुसार अदाणी फाउंडेशन के इस नए कदम से महिलाएं अपनी कार्यकुशलता और मेहनत से 12000 से 15000 रुपये महीने तक कमा सकेंगी। बता दें कोलारस बदरवास क्षेत्र के गांवों की इन महिलाओं को करीब 10 वर्ष पूर्व आजीविका मिशन के स्वयं सहायता समूह से जुड़ा गया था। इसके पीछे महिलाओं की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना और उन्हें रोजगार देना मकसद था।
आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाओं को सिलाई का प्रशिक्षण दिया गया
बता दें आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाओं को सिलाई का प्रशिक्षण दिया गया। इसके अलावा पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत इन महिलाओं के लिए एक जैकेट कंपनी बनाई गई। जानकारी के अनुसार बदरवास में प्रचलित जैकेट निर्माण कार्य से जुड़कर घर-घर में महिलाओं ने सिलाई की।
महिलाओं के मजदूर से मालिक बनने का संकल्प होगा पूरा
अब इन महिलाओं के मजदूर से मालिक बनने का संकल्प पूरा होगा। अब घरों में मात्र जैकेट सिलाई तक सीमित रही महिलाओं को बड़ी औद्योगिक सिलाई मशीनों पर काम करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। जहां महिलाओं को फैशन और बड़े ब्रांड्स के अनुरूप जैकेट ही नहीं अन्य परिधान भी सिलने का मौका मिलेगा, साथ-साथ उनका कौशल सुधार भी होगा।
औद्योगिक इकाई की स्थापना 2 हैक्टेयर क्षेत्र में की जा रही है
बता दें इस औद्योगिक इकाई की स्थापना 2 हैक्टेयर क्षेत्र में की जा रही है। इस इकाई में महिलाओं को कैंटीन, रेस्ट रूम, आदि सभी सुविधाएं मिलेंगी। इस पहल से जहां क्षेत्र में महिलाओं को रोजगार मिलेगा। वहीं, महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पड़ाव भी हासिल होगा। बता दें जिले में ये अपनी तरह की अनूठी पहल है।