8th Pay Commission Update: 8वें वेतन आयोग को लागू होने में अभी काफी वक्त है. इससे पहले सरकार ने टर्म ऑफ रेफ्रेंस (ToR) जारी किया था. इसे लेकर केंद्रीय कर्मचारियों के संगठन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है और इसमें कई बदलाव की मांग की है.
बता दें कि केंद्रीय कर्मचारियों का ये संगठन (कॉन्फेडेरेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट एम्पलॉई एंड वर्कर्स ) 130 विभागों के 8 लाख से ज्यादा सरकारी कर्मचारियों को रिप्रेजेंट करता है. इस संगठन ने अपने लेटर में सरकार से 8 बदलावों की मांग की है. आइये आपको इन 8 मांगों के बारे में बताते हैं:
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- संगठन ने अपने लेटर में ये लिखा है कि 8वें वेतन आयोग को लागू होने में अभी वक्त लग रहा है. ऐसे में महंगाई और देरी से हो रहे नुकसान की भरपाई करने के लिए कर्मचारियों को फिलहाल 20% की अंतरिम राहत दी जाए.
- ToR से हटाए जाए गैर-अंशदायी पेंशन योजनाओं की अप्रदत्त लागत (Unfunded cost of non-contributory pension schemes) शब्द. संगठन का कहना है कि केंद्रीय कर्मचारियों को इस बात का डर है कि सरकार 'अनफंडेड एक्सपेंडिचर' हटाने के नाम पर कहीं पेंशन कम न कर दे. इसलिए ToR से इस शब्द को हटा दिया जाए.
- संगठन ने अपने लेटर में एक मांग यह भी की है कि ToR में 8th CPC की सिफारिशें 01.01.2026 से ही लागू हों, इस बात का उल्लेख भी किया जाए.
- लेटर में OPS की बहाली की मांग भी की गई है. क्योंकि कर्मचारी NPS से UPS स्कीम से संतुष्ट नहीं हैं और वे पुरानी पेंशन योजना ही चाहते हैं. ऐसे में 8th CPC के ToR में OPS की समीक्षा और इसे लागू किया जाए.
- ToR में यह भी जोड़ा जाए कि पेंशन संरचना, रिटायरमेंट लाभ, पेंशन संशोधन और 1/1/2026 से पहले या बाद में रिटायर हुए कर्मचारियों के बीच पेंशन समानता की समीक्षा की जाएगी.
- लेटर में संगठन ने पीएम से यह भी मांग की है कि अन्य रिटायरमेंट बेनिफिट्स जैसे कि कम्यूटेड वैल्यू ऑफ पेंशन 11 साल बाद बहाल हो, हर 5 साल में अतिरिक्त पेंशन/फैमिली पेंशन मिले, रिटायर कर्मचारियों के हेल्थ केयर सिस्टम को मजबूत करने को भी ToR में शामिल किया जाए.
- लिखे पत्र में ये मांग भी की गई है कि ToR में केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की हेल्थ स्कीम की समीक्षा भी जोड़ी जाए. वेलनेस सेंटर्स खोले जाएं और पेंशनर्स को कैशलेस मेडिकल फैसिलिटी मिले.
- 8th CPC के लाभों में, ऑटोनोमस बॉडीज, स्टैचुटरी बॉडीज और ग्रामीण डाक सेवक (GDS) जैसे कर्मचारियों को भी शामिल किया जाए.