केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है. आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर हलचल तेज हो गई है और इसकी लगातार बैठकें आयोजित की जा रही हैं.
इस कड़ी में मुंबई में दो दिनों की एक अहम बैठक होने जा रही है, जिसमें केंद्रीय सरकारी कर्मचारी यूनियनों (NC-JCM) की सबसे बड़ी मांग यानी 3.833 फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) पर मुख्य रूप से चर्चा होने की पूरी संभावना है. आइए बिल्कुल आसान और सरल भाषा में समझते हैं कि अगर यह मांग मान ली जाती है, तो आपकी बेसिक सैलरी और इन-हैंड पे पर क्या असर पड़ेगा.
3.833 फिटमेंट फैक्टर से कितनी बढ़ जाएगी सैलरी?
कर्मचारी यूनियनों की मांग के मुताबिक, यदि 3.833 का फिटमेंट फैक्टर लागू होता है, तो कर्मचारियों की वास्तविक वेतन वृद्धि (Real Salary Hike) में लगभग 140 फीसदी का भारी उछाल देखने को मिल सकता है. यह उछाल 7वें वेतन आयोग के समय मिली 14.3% की बढ़ोतरी से करीब 10 गुना ज्यादा होगा.
फिटमेंट फैक्टर का पूरा गणित :
मौजूदा न्यूनतम बेसिक सैलरी (Level 1): 18000 रुपये
मौजूदा डीए (60% के हिसाब से): 10,800 रुपये
नया बेसिक पे (3.833 फिटमेंट फैक्टर लागू होने पर): 18000 रुपये × 3.833 = 69,000 रुपये
यानी लेवल-1 के कर्मचारी का शुरुआती मूल वेतन ही बढ़कर 69,000 रुपये हो जाएगा. हालांकि, 8वां वेतन आयोग पूरी तरह लागू होने से पहले डीए (DA) में अभी 2 से 3 बार और संशोधन होगा, जिससे अंतिम गणना थोड़ी बदल भी सकती है.
कैसे काम करता है यह फिटमेंट फैक्टर?
फिटमेंट फैक्टर का काम सिर्फ सैलरी बढ़ाना नहीं है, बल्कि यह दो तरीके से काम करता है:
पहला पुराने डीए को बेसिक में मिलाना: यह अब तक जमा हुए महंगाई भत्ते (DA) को कर्मचारियों के मूल वेतन (Basic Pay) में शामिल कर देता है.
दूसरा वास्तविक बढ़ोतरी तय करना: डीए मर्ज करने के बाद जो अतिरिक्त रकम जुड़ती है, वही कर्मचारी की असली सैलरी हाइक मानी जाती है.
पिछले वेतन आयोगों की वास्तविक सैलरी बढ़ोतरी:
3rd Pay Commission: 20.6%
4th Pay Commission: 27.6%
5th Pay Commission: 31%
6th Pay Commission: 54%
7th Pay Commission: केवल 14.3% (2.57 के फिटमेंट फैक्टर में से 2.25 का इस्तेमाल केवल 125% डीए को मर्ज करने में ही हो गया था).
आगे क्या होगा?
फिलहाल कर्मचारियों को 60% डीए मिल रहा है और अनुमान है कि जल्द ही इसे बढ़ाकर 63% किया जा सकता है. कर्मचारी संगठन लगातार मांग कर रहे हैं कि 7वें वेतन आयोग में हुई सबसे कम बढ़ोतरी की भरपाई 8वें वेतन आयोग में 3.833 फिटमेंट फैक्टर देकर की जाए. अब सभी निगाहें मुंबई में होने वाली दो दिवसीय बैठक के नतीजों पर टिकी हैं.