रिलायंस फाउंडेशन बनाएगा 100 एकड़ की केयर टाउनशिप, नीता मुकेश अंबानी ने 'अनंत आश्रय' का किया शिलान्यास, 5,000 लोगों को मिलेगा घर
रिलायंस फाउंडेशन ने मुंबई के पास कर्जत में 100 एकड़ की आवासीय केयर टाउनशिप ‘नीता मुकेश अंबानी अनंत आश्रय’ की घोषणा की है. यहां अनाथ बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों के लिए विश्वस्तरीय चिकित्सा, शिक्षा और पुनर्वास सुविधाएं उपलब्ध होंगी. नीता अंबानी ने रविवार को भूमिपूजन किया, जहां 15 हजार लोगों की कम्युनिटी के लिए अस्पताल और थेरेपी केंद्र बनेंगे.
रिलायंस फाउंडेशन ने मुंबई के पास कर्जत में 100 एकड़ की आवासीय केयर टाउनशिप 'नीता मुकेश अंबानी अनंत आश्रय' की घोषणा की है. Credit: ANI
रिलायंस फाउंडेशन ने मुंबई के पास कर्जत में 100 एकड़ में फैली एक आवासीय केयर टाउनशिप ‘नीता मुकेश अंबानी अनंत आश्रय’ स्थापित करने का बड़ा ऐलान किया है. यह टाउनशिप अनाथ बच्चों, बुजुर्गों और विकासात्मक दिव्यांगता से प्रभावित व्यक्तियों को आजीवन देखभाल, सुरक्षित घर और समग्र सहयोग देने के मकसद से बनाई जा रही है. रिलायंस फाउंडेशन की संस्थापक और चेयरपर्सन नीता अंबानी ने रविवार को इस परियोजना स्थल पर भूमिपूजन किया. यह पूरी परियोजना एक गैर-लाभकारी पहल के रूप में जरूरी मंजूरियों के बाद चरणबद्ध तरीके से तैयार की जाएगी.
#WATCH | Karjat, Maharashtra: Nita Ambani, Founder-Chairperson of Reliance Foundation, announced ‘Nita Mukesh Ambani Anant Aashray’ on her birthday today.
Nita M Ambani and Reliance Foundation Director Isha Ambani unveiled the plaque at the Bhumi Pujan and groundbreaking ceremony for ‘Nita Mukesh Ambani Anant Ashray’ at the proposed site in Karjat, near Mumbai
The 100-acre township will provide a lifelong home to 5,000 people, including orphaned children, senior citizens and persons with physical and developmental disabilities
15,000 लोगों की होगी पूरी कम्युनिटी, 8 ज़ोन में बंटेगा मास्टर प्लान
इस प्रस्तावित टाउनशिप को 5,000 से अधिक मुख्य निवासियों को आश्रय देने के लिए डिज़ाइन किया गया है. देखभालकर्ताओं , डॉक्टरों, सहायक स्टाफ और उनके परिवारों को मिलाकर इस पूरे परिसर में लगभग 15,000 लोगों का एक जीवंत समुदाय रहेगा. आवासीय मास्टर प्लान को आठ अलग-अलग ज़ोन में बांटा गया है. इन्हें छोटे पारिवारिक यूनिट्स के रूप में तैयार किया जाएगा, ताकि सबको घर जैसा माहौल मिले और हर जगह समर्पित हाउस पैरेंट्स मौजूद रहें.
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विशिष्ट अस्पताल, थेरेपी और आधुनिक पुनर्वास केंद्र
टाउनशिप के भीतर ही एक अत्याधुनिक स्पेशलाइज्ड अस्पताल बनेगा. इसमें विकासात्मक चिकित्सा, मिर्गी प्रबंधन, पैलिएटिव केयर और विशेष ज़रूरतों वाले लोगों के लिए खास डेंटल केयर की सुविधा होगी. इसके अलावा बड़े पुनर्वास केंद्र भी बनेंगे, जहां ऑक्यूपेशनल थेरेपी, स्पीच थेरेपी, फिजियोथेरेपी और हाइड्रोथेरेपी जैसी आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी.
वनतारा के साथ पेट फार्म और वोकेशनल ट्रेनिंग की व्यवस्था
परिसर में एक समावेशी स्कूल, वोकेशनल ट्रेनिंग वर्कशॉप और केयरगिवर्स को ट्रेनिंग देने के लिए एक विशेष एकेडमी भी खुलेगी. साथ ही, ‘वनतारा’ के सहयोग से एक एनिमल कंपेनियनशिप फार्म विकसित किया जाएगा, जो यहां रहने वालों को भावनात्मक संबल और एनिमल थेरेपी देने का काम करेगा.
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“सहानुभूतिपूर्ण देखभाल और पारिवारिक जीवन का संगम”: नीता अंबानी
इस मौके पर रिलायंस फाउंडेशन की चेयरपर्सन नीता अंबानी ने कहा कि यह शुरुआत उनके और उनके परिवार के दिल के बेहद करीब है. उन्होंने कहा, “यह उन दिव्यांगजनों, बेसहारा बच्चों और बुजुर्गों के लिए एक स्नेहपूर्ण घर बनाने की दिशा में उठाया गया कदम है, जिन्हें देखभाल और सुकून की जरूरत है. हम एक ऐसे समुदाय की कल्पना करते हैं जहां सहानुभूतिपूर्ण देखभाल और मेडिकल मदद पारिवारिक जीवन की गर्मजोशी के साथ मिले. लोग प्रकृति के बीच रहें और उन्हें सीखने, काम करने, नए दोस्त बनाने व त्योहार मनाने के भरपूर मौके मिलें.”
पवित्र नदियों के नाम पर होंगे 8 विलेज, हर 6 महीने में प्रोग्रेस रिव्यू
टाउनशिप के मास्टर प्लान में 8 आवासीय गांव शामिल हैं, जिनके नाम भारत की पवित्र नदियों के नाम पर रखे गए हैं. मानसिक और विकासात्मक चुनौतियों से जूझ रहे लोगों की सहूलियत के लिए यहां खास कलर पैलेट, विशेष प्रतीक चिह्न (Symbols) और सेंसरी गार्डन्स बनाए जाएंगे, ताकि वे बिना किसी परेशानी के खुद घूम-फिर सकें. प्रशासनिक स्तर पर हर निवासी के लिए एक ‘इंडिविजुअलाइज्ड डेवलपमेंट प्लान’ तैयार होगा. इसके तहत स्वास्थ्य, पढ़ाई और काम की जिम्मेदारी एक मुख्य कार्यकर्ता पर होगी और हर छह महीने में इसकी औपचारिक समीक्षा (रिव्यू) की जाएगी.
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आसपास के ग्रामीण इलाकों तक पहुंचेगा लाभ
यह टाउनशिप सिर्फ अपने परिसर तक सीमित नहीं रहेगी. कर्जत के पड़ोसी गांवों के करीब 1,000 लोग भी यहां थेरेपी, पढ़ाई और रोजगार के मौकों का फायदा उठा सकेंगे. इसके अलावा, आसपास के जिलों में सेवाएं पहुंचाने के लिए ‘फैमिली रेस्पाइट होम्स’, एक समर्पित हॉस्पिस विंग और मोबाइल मेडिकल क्लीनिक भी चलाए जाएंगे.