नोएडा के जिंदल पोलो एस्टेट में चल रही रोमांचक चैंपियनशिप के फाइनल मुकाबले में जिंदल पैंथर ने अरावली को 10–5.5 से हराकर ‘जिंदल पैंथर शील्ड 2026’ का खिताब अपने नाम किया. बेहतरीन टीम वर्क, आक्रामक खेल और दृढ़ संकल्प का प्रदर्शन करते हुए जिंदल पैंथर ने शानदार खेल दिखाया और चैंपियन बनकर उभरे. सिमरन शेरगिल और सिद्धांत शर्मा ने 4-4 गोल करके जिंदल पैंथर की जीत में अहम भूमिका निभाई. नवीन जिंदल ने 2 अहम गोल दागे और गौरव सहगल को मोस्ट वैल्युएबल प्लेयर चुना गया.
चैम्पियनशिप में देखी गईं पोलो खेल की खूबियां
टीम के शानदार प्रदर्शन के दम पर जिंदल पैंथर ने चैंपियनशिप जीतने वाला एक यादगार प्रदर्शन किया. टूर्नामेंट में पोलो खेल की खूबियां देखने को मिलीं, जैसे तेज रफ्तार, सटीक निशाना, घुड़सवारी और टीम वर्क. लीग मैचों से लेकर रोमांचक पेनल्टी शूटआउट और हाई-स्कोरिंग फाइनल तक ‘जिंदल पैंथर शील्ड 2026’ का समापन बेहद रोमांचक रहा. इससे पोलो के प्रति बढ़ता उत्साह साफ दिखा और यह भी साबित हुआ कि भारत में इस खेल को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाना कितना महत्वपूर्ण है और ऐसा किया जा सकता है.
नवीन जिंदल ने टीम के दी जीतने की बधाई
टूर्नामेंट की उपविजेता अरावली टीम में अंगद कलान, नॉडी, जेएम जूरी और दीपू शामिल थे, जिन्हें जिंदल पैंथर को कड़ी टक्कर दी, लेकिन वे जिंदल पैंथर की आक्रामक ताकत के सामने टिक नहीं सके और 4.5 गोल से पीछे रह गए. टूर्नामेंट जीतकर अपनी खुशी जाहिर करते हुए जिंदल पैंथर के संरक्षक नवीन जिंदल ने कहा कि जिंदल पैंथर शील्ड जीतना हमारी टीम के लिए गर्व की बात है. मैं अपने सभी खिलाड़ियों को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए बधाई देता हूं और इस टूर्नामेंट को रोमांचक बनाने के लिए इसमें हिस्सा लेने वाली सभी टीमों की सराहना करता हूं. पोलो एक बेहतरीन खेल है, जिसमें साहस, कौशल, अनुशासन और टीम वर्क का मेल होता है.
नवीन जिंदल ने खेल प्रेमियों का स्वागत किया
नवीन जिंदल ने कहा हमें पूरी उम्मीद है कि 2036 के ओलंपिक खेलों में पोलो की वापसी होगी, जिससे इस ऐतिहासिक खेल को वह वैश्विक पहचान मिलेगी, जिसका यह हकदार है. भारत में पोलो की समृद्ध विरासत है और हम इस खेल को बढ़ावा देने, युवाओं को इसे अपनाने के लिए प्रेरित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. नोएडा स्थित जिंदल पोलो एस्टेट में खेल प्रेमियों और परिवारों का स्वागत है, जहां वे आकर पोलो के रोमांच का अनुभव कर सकते हैं. हम सभी को आमंत्रित करते हैं कि वे मैच देखें, खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाएं और पोलो को अधिक लोकप्रिय बनाने के हमारे प्रयासों का हिस्सा बनें.
रोमांचक ‘थ्री-वे टाई’ से तय हुआ फाइनल मुकाबला
फाइनल तक पहुंचने का सफर कड़े मुकाबले और लीग चरण में असाधारण ‘थ्री-वे टाई’ (तीन टीमों के बीच बराबरी) से भरा रहा. शुक्रवार 23 अक्टूबर को लीग के आखिरी मुकाबले में वल्कन पोलो जिसे 1.5 गोल के हैंडीकैप का फायदा मिला था, ने एक कड़े मुकाबले में जिंदल पैंथर को 7.5–7 से हराया. आखिरी सीटी बजने तक दोनों टीमों के बीच कांटे की टक्कर रही, जो इस टूर्नामेंट की कड़ी प्रतिस्पर्धा को दर्शाती है. इस नतीजे के बाद तीनों टीमों जिंदल पैंथर, अरावली और वल्कन पोलो के खाते में एक जीत और एक हार दर्ज हुई. लीग स्टैंडिंग से कोई स्पष्ट फाइनलिस्ट सामने नहीं आने के कारण फाइनल में पहुंचने वाली दो टीमों का फैसला करने के लिए पेनल्टी शूटआउट की जरूरत पड़ी.
पेनल्टी शूटआउट से इस तरह तय हुए फाइनलिस्ट
शनिवार 24 अक्टूबर की सुबह भी रोमांच जारी रहा, जब तीनों टीमें सुबह 10 बजे निर्णायक पेनल्टी शूटआउट के लिए वापस जिंदल पोलो एस्टेट पहुंचीं. शूटआउट फॉर्मेट के तहत फाइनलिस्ट तय करने के लिए हर टीम के एक खिलाड़ी ने 60 यार्ड के निशान से 5 पेनल्टी शॉट लिए. इस मुकाबले ने टूर्नामेंट में एक और रोमांचक अध्याय जोड़ दिया. अंततः जिंदल पैंथर और अरावली ने खिताबी मुकाबले में अपनी जगह पक्की कर ली, जबकि कड़े संघर्ष के बावजूद वल्कन पोलो टूर्नामेंट से बाहर हो गई. जिंदल पैंथर ने यादगार चैंपियनशिप जीत हासिल की.