मुंबई के हवाई सफर में जल्द ही बड़ा बदलाव देखने को मिलने वाला है. देश की दो सबसे बड़ी एयरलाइंस इंडिगो और एयर इंडिया छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (CSMIA) के टर्मिनल 1 (T1) के पुनर्विकास के लिए अपने संचालन का एक हिस्सा नवनिर्मित नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (NMIA) पर स्थानांतरित करने के लिए राजी हो गई हैं. एयरपोर्ट ऑपरेटर और एयरलाइंस के बीच करीब 18 महीने तक चली बातचीत के बाद यह सहमति बनी है.
नए एयरपोर्ट तक पहुंचना हुआ आसान
नवी मुंबई एयरपोर्ट के इंफ्रास्ट्रक्चर और तैयारियों पर एयरलाइंस ने पूरा भरोसा जताया है. एयरपोर्ट तक सुगम आवाजाही के लिए सिडको (CIDCO) ने पनवेल क्रीक और गाढ़ी नदी पर तीन नए पुल (SBR-9, BR-4 और BR-5) बनाए हैं. ये पुल नए एयरपोर्ट को अटल सेतु, उल्वे कोस्टल रोड, आमरा मार्ग और NH-4B से सीधे जोड़ते हैं, जिससे यात्रियों को जाम से नहीं जूझना पड़ेगा.
36 लाख यात्री भरेंगे नए एयरपोर्ट से उड़ान
पहले चरण में लगभग 50 लाख यात्रियों को नवी मुंबई शिफ्ट करने का लक्ष्य है. इनमें से करीब 70% हिस्सा—यानी लगभग 36 लाख यात्री—इंडिगो और एयर इंडिया के जरिए नए एयरपोर्ट पर स्थानांतरित होंगे. हालांकि, CSMIA के कुल 5.5 करोड़ सालाना यात्रियों में से केवल 9% ट्रैफिक ही अस्थायी तौर पर शिफ्ट होगा, जबकि 91% यात्री संचालन मुंबई हवाई अड्डे से पहले की तरह जारी रहेगा.
T1 की क्षमता 33% बढ़ेगी, बनेगा ग्लोबल हब
उड़ानों के इस बदलाव से CSMIA के T1 पर दबाव घटेगा और उसके आधुनिकीकरण का रास्ता साफ होगा. पुनर्विकास के बाद T1 की क्षमता 1.5 करोड़ से बढ़कर 2 करोड़ यात्री सालाना हो जाएगी. साथ ही, CSMIA और NMIA मिलकर मुंबई को ‘ड्यूल-एयरपोर्ट गेटवे’ बनाएंगे, जिससे वैश्विक एयरलाइंस आकर्षित होंगी और भारत को एक ग्लोबल एविएशन हब बनाने की दिशा में बड़ी मजबूती मिलेगी.
भारत को ‘ग्लोबल एविएशन हब’ बनाने की दिशा में अहम कदम
CSMIA और नवी मुंबई एयरपोर्ट मिलकर शहर को एक ‘ड्यूल-एयरपोर्ट गेटवे’ के रूप में स्थापित करेंगे. दोनों हवाई अड्डे मिलकर घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के बीच निर्बाध कनेक्टिविटी सुनिश्चित करेंगे. यात्रियों को एक शहर से दूसरे शहर जाने या विदेश के लिए कनेक्टिंग फ्लाइट पकड़ने में किसी तरह की परेशानी नहीं होगी. इस सुगम व्यवस्था से भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ा फायदा मिलेगा. दुनिया भर का ट्रांजिट ट्रैफिक हासिल करने में मदद मिलेगी, जिससे भारत का एक वैश्विक विमानन केंद्र बनने का सपना और मजबूत होगा.
विदेशी उड़ानों के खुलेंगे नए रास्ते
नवी मुंबई एयरपोर्ट पर घरेलू उड़ानों की मजबूत मौजूदगी इसके संचालन और नेटवर्क विस्तार की मजबूत नींव रखेगी. जैसे-जैसे यहां कनेक्टिविटी बेहतर होगी, दुनिया भर की बड़ी अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस भी अपनी उड़ानें शुरू करने और उनका विस्तार करने के लिए आगे आएंगी. इसका सीधा फायदा आम यात्रियों को मिलेगा. लोगों को विदेश यात्रा के लिए ज्यादा विकल्प, सुविधाजनक समय और बेहतर उड़ान सेवाएं मिलेंगी. साथ ही, मुंबई की दुनिया के बड़े देशों और व्यापारिक केंद्रों के साथ सीधी कनेक्टिविटी पहले से कहीं अधिक मजबूत और तेज हो जाएगी.
नवी मुंबई एयरपोर्ट की 5 बड़ी खासियतें
- जबरदस्त क्षमता: NMIA का टर्मिनल 1 शुरुआत में हर साल 2 करोड़ (20 मिलियन) यात्रियों को संभालने के लिए डिजाइन किया गया है. भविष्य में इसे बढ़ाकर 9 करोड़ (90 मिलियन) सालाना करने की योजना है.
- शानदार कनेक्टिविटी: बेहतरीन सड़क नेटवर्क और मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट लिंक्स इस नए एयरपोर्ट को मुंबई, ठाणे और नवी मुंबई के प्रमुख बिजनेस हब्स, रिहायशी इलाकों और लॉजिस्टिक्स केंद्रों से सीधे जोड़ेंगे.
- हाईटेक तकनीक: एयरपोर्ट पर ‘डिजी यात्रा’ (Digi Yatra), ऑटोमैटिक बैगेज हैंडलिंग और इंटीग्रेटेड डिजिटल प्लेटफॉर्म मिलेंगे, जिससे यात्रियों की चेकिंग और बोर्डिंग बिना लाइन में लगे बेहद तेजी से होगी.
- बड़ा कार्गो व लॉजिस्टिक्स हब: डेडिकेटेड कार्गो टर्मिनल, कोल्ड-चेन इंफ्रास्ट्रक्चर और इन-फ्लाइट कैटरिंग की सुविधा इसे देश का बड़ा व्यापारिक हब बनाएगी. यह प्रमुख बंदरगाहों और औद्योगिक क्षेत्रों के बेहद नजदीक है.
- यात्री सुविधाएं और ग्रीन डिजाइन: प्रीमियम लाउंज, वर्ल्ड-क्लास डाइनिंग, शॉपिंग और भारतीय संस्कृति की झलक यात्रियों के अनुभव को खास बनाएगी. साथ ही, इसका पूरा डिजाइन पर्यावरण-अनुकूल (सस्टेनेबल) है.
CSMIA टर्मिनल 1 का कायाकल्प क्यों जरूरी?
मुंबई के पुराने टर्मिनल 1 को अपग्रेड करना अब बेहद आवश्यक हो चुका है:
- सुरक्षा और मजबूती: विशेषज्ञों की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए इमारत को ज्यादा सुरक्षित और मजबूत बनाया जाएगा.
- क्षमता में 33% का इजाफा: पुनर्विकास के बाद T1 की क्षमता 1.5 करोड़ से बढ़कर 2 करोड़ यात्री सालाना हो जाएगी.
- स्मार्ट सिस्टम: यहां अगली पीढ़ी की डिजिटल प्रणालियां और स्मार्ट सिक्योरिटी सिस्टम लगाए जाएंगे.
एयरलाइंस के स्लॉट्स रहेंगे सुरक्षित
एयरपोर्ट ऑपरेटर ने स्पष्ट किया है कि नवी मुंबई में उड़ानों का यह ट्रांसफर पूरी तरह अस्थायी है. T1 का काम पूरा होते ही सभी एयरलाइंस को मुंबई एयरपोर्ट पर उनके ऐतिहासिक ऑपरेटिंग स्लॉट्स वापस मिल जाएंगे.