बीमार हथिनी माया के लिए देवदूत बना अनंत अंबानी का 'वंतारा', एयरलिफ्ट कर जामनगर लाया गया; फ्लाइंग ICU में मिला नया जीवन
केरल की 18 महीने की बीमार हथिनी ‘माया’ की जान बचाने के लिए अनंत अंबानी का वंतारा आगे आया है. दोनों आगे के पैरों में गंभीर फ्रैक्चर के कारण माया खड़े होने में भी असमर्थ थी. पद्मश्री डॉ. कुशल कोंवर सरमा के नए डायग्नोसिस के बाद माया को एयरलिफ्ट कर जामनगर ले जाया गया है. केरल सरकार और वंतारा की यह साझी पहल बेजुबान माया को एक नया जीवन देने जा रही है.
केरल की 18 महीने की बीमार हथिनी 'माया' की जान बचाने के लिए अनंत अंबानी का वंतारा आगे आया है.
केरल में जिंदगी की जंग लड़ रही 18 महीने की नन्ही हथिनी ‘माया’ को बचाने के लिए रिलायंस के अनंत अंबानी का वन्यजीव संरक्षण केंद्र ‘वंतारा’ आगे आया है. गंभीर रूप से बीमार और घायल माया को बेहतर व आधुनिक इलाज के लिए विशेष विमान से एयरलिफ्ट के जरिए गुजरात के जामनगर स्थित वंतारा के अत्याधुनिक अस्पताल में लाया गया है. इस पूरे बचाव अभियान को वंतारा के संस्थापक अनंत अंबानी की सीधी पहल पर अंजाम दिया गया. जैसे ही नन्ही हथिनी की नाजुक हालत की जानकारी मिली, अनंत अंबानी ने तुरंत वंतारा की विशेषज्ञ वेटरनरी टीम को एक्टिव कर दिया और उसके सुरक्षित रेस्क्यू की व्यवस्था की.
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पद्मश्री डॉ. सरमा ने तलाशी नई उम्मीद
हड्डियों की आनुवंशिक बीमारी से जूझ रहीं माया को देखकर स्थानीय डॉक्टरों को कोई स्पष्ट रास्ता नहीं दिख रहा था, तब वंतारा के पशु चिकित्सा सलाहकार और जाने-माने हाथी विशेषज्ञ पद्मश्री डॉ. कुशल कोंवर सरमा ने उसके मेडिकल रिकॉर्ड्स की जांच की. डॉ. सरमा ने पाया कि माया को पैराथायरॉयड से जुड़ी समस्या हो सकती है, जिसका इलाज संभव है. इस नई डायग्नोसिस ने माया के ठीक होने की उम्मीदों को दोबारा जिंदा कर दिया.
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दोनों पैरों में फ्रैक्चर, खड़ी भी नहीं हो पा रही थी माया
18 महीने की छोटी सी हथिनी माया की हालत बेहद चिंताजनक थी. उसके दोनों आगे के पैरों में गंभीर फ्रैक्चर हो चुके थे, जिसकी वजह से वह अपने पैरों पर खड़ी भी नहीं हो पा रही थी. केरल में उसकी हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी और उसे तत्काल आधुनिक चिकित्सा की आवश्यकता थी. केरल के मुख्य वन्यजीव वार्डन डॉ. पी. पुगझेंडी (IFS) ने माया की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसके इलाज के लिए ट्रांसफर आदेश जारी किया. इसके बाद 5 नवंबर को वंतारा की विशेषज्ञ टीम की निगरानी में उसे केरल से सुरक्षित रूप से एयरलिफ्ट कर जामनगर पहुंचाया गया.
अनंत अंबानी के निर्देश पर बना ‘फ्लाइंग ICU’
अनंत अंबानी के दिशा-निर्देश पर वंतारा की टीम ने बेहद तेजी से काम किया. 1 नवंबर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए एक्स-रे और ब्लड रिपोर्ट की समीक्षा की गई. इसके बाद 4 नवंबर को केरल के मेडिकल बोर्ड से बैठक हुई और 5 नवंबर को माया के ट्रांसफर का आदेश जारी हो गया.
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माया को सुरक्षित जामनगर लाने के लिए वंतारा ने एक विशेष विमान को ‘फ्लाइंग आईसीयू’ में तब्दील कर दिया. इसमें लाइफ-सपोर्ट सिस्टम, आपातकालीन दवाइयां और लगातार निगरानी की सुविधा मौजूद थी. सफर के दौरान वंतारा के तीन विशेषज्ञ डॉक्टर, पैरा-वेट्स और देखभाल करने वाले कर्मचारी लगातार माया की निगरानी करते रहे.
केरल और वंतारा का साझा प्रयास
यह पहल किसी पर नियंत्रण करने के लिए नहीं, बल्कि बेजुबान की जान बचाने की एक मजबूत साझेदारी है. माया की देखरेख की पूरी कमान केरल सरकार की समिति के पास ही रहेगी. अनंत अंबानी के मार्गदर्शन में वंतारा माया को पूरी तरह स्वस्थ करने में मदद करेगा, ताकि ठीक होने के बाद वह दोबारा अपने घर ‘अभयारण्य’ लौट सके.