Skoda Kylaq एक वैल्यू फॉर मनी कॉम्पैक्ट एसयूवी है। डिजाइन से लेकर स्पेस और परफॉरमेंस के मामले में अभी तक इस गाड़ी ने निराश होने का मौका नही दिया। अब कंपनी Kylaq लाइनअप में एक नया वेरिएंट लाने पर विचार कर रही है जो क्लासिक और सिग्नेचर वेरिएंट के बीच जगह बनाएगा। दोनों वेरिएंट के बीच 1.51 लाख रुपये का अंतर है, जिसमें से ज़्यादातर अतिरिक्त लागत बढ़ी हुई फीचर लिस्ट के कारण है। कंपनी ने भी तक यह नहीं बताया है कि इसे कब तक लॉन्च किया जाएगा, लेकिन, लेकिन साल के अंत तक इसके आने का संकेत दिया है।
Skoda Kylaq में आएगा नया वेरिएंट
Skoda Kylaq के क्लासिक वेरिएंट के मुकाबले सिग्नेचर वेरिएंट में क्रूज़ कंट्रोल, TPMS, 6.9 इंच का टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, वायर्ड फोन मिररिंग, कूल्ड ग्लोवबॉक्स, चार स्पीकर, रियर एसी वेंट, बैकसीट स्मार्टफोन पॉकेट और क्रोम डोर हैंडल मिलते हैं। इसके अलावा, क्लासिक वेरिएंट 6 स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स के साथ उपलब्ध है, जबकि सिग्नेचर को 6 स्पीड AT के साथ भी खरीदा जा सकता है। इंजन की बात करें तो इसमें स्कोडा का 1.0-लीटर टीएसआई पेट्रोल इंजन है, जो 118 Bhp और 175NM देता है। यह एक दमदार इंजन है और हर मौसम में बिना थके और रुके प्रदर्शन करता है।
बढ़ रही है डिमांड
क्लासिक वेरिएंट काइलाक को 10 लाख रुपये से कम कीमत वाले बाजार में जगह दिलाने के लिए मौजूद है। ऑटोमेकर ने माना है कि काइलाक की शुरुआती मांग की वजह से हमें निचले वेरिएंट में आना पड़ा , कई खरीदारों ने वाहन में रुचि दिखाई क्योंकि इस कार के आने से पहले स्कोडा की इस सेगमेंट में मौजूदगी नहीं थी।
लोकप्रिय हो रहा है 10 लाख का सेगमेंट
कम कीमत में कई वेरिएंट उपलब्ध कराना एक आजमाया हुआ फॉर्मूला है, जिसे टाटा और हुंडई जैसी कंपनियों ने अपनाया है। टाटा ने नेक्सन जैसी कारों को 10 लाख रुपये की कीमत में 100 वेरिएंट तक सफलतापूर्वक पेश करके इस पर काम किया है। वैसे यह एक ऐसा सेगमेंट है जिसकी मांग लगातार बढ़ रही है। इसे हम स्टैण्डर्ड सेगमेंट भी कह सकते हैं।