Toll Tax Rule: इन एक्सप्रेसवे पर नहीं देना होगा पूरा टोल, 15 फरवरी से लागू होंगे नए नियम, जानें डिटेल्स

अब अधूरे एक्सप्रेसवे पर सफर करने वालों के लिए बड़ी राहत की खबर है. सरकार ने टोल वसूली के नियम बदल दिए हैं. 15 फरवरी से अगर एक्सप्रेसवे पूरा तैयार नहीं होगा, तो लोगों से पूरा टोल नहीं लिया जाएगा.

toll plaza

15 फरवरी से बदलेंगे टोल नियम.

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New Toll Tax Rule From 15 February 2026: अगर आप अक्सर एक्सप्रेसवे पर सफर करते हैं, तो यह खबर आपके लिए राहत भरी है. सरकार ने टोल वसूली से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है. अब अगर कोई राष्ट्रीय एक्सप्रेसवे पूरी तरह तैयार नहीं है, तो वहां यात्रियों से पूरा टोल नहीं लिया जाएगा. यानी अब आपको अधूरी सुविधा के लिए पूरा पैसा नहीं देना पड़ेगा. सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने इस संबंध में नए नियम जारी किए हैं, जो 15 फरवरी से लागू हो जाएंगे.

अधूरे एक्सप्रेसवे पर मिलेगी राहत

अब तक कई जगह ऐसा होता था कि एक्सप्रेसवे का काम पूरा नहीं होने के बावजूद वाहन चालकों से पूरी लंबाई के हिसाब से टोल वसूला जाता था. अगर कहीं निर्माण कार्य चल रहा है या सड़क का कुछ हिस्सा ही चालू है, तब भी यात्रियों को पूरा शुल्क देना पड़ता था. नए नियम के तहत अब केवल उस हिस्से पर ही टोल लिया जाएगा, जो पूरी तरह तैयार और चालू है.

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अब एक्सप्रेसवे नहीं, हाईवे की दर से लगेगा शुल्क

सरकार ने यह भी साफ किया है कि अधूरे एक्सप्रेसवे पर टोल सामान्य राष्ट्रीय राजमार्ग की दर से लिया जाएगा. यानी एक्सप्रेसवे की ज्यादा दर नहीं लगेगी. इससे यात्रियों का खर्च कम होगा और उन्हें अधूरी सुविधा के लिए ज्यादा भुगतान नहीं करना पड़ेगा.

पहले क्यों लगता था ज्यादा टोल

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दरअसल, एक्सप्रेसवे पर टोल सामान्य हाईवे से करीब 25 प्रतिशत ज्यादा होता है. इसकी वजह बेहतर सड़क, तेज और बिना रुकावट वाला सफर और कम ट्रैफिक होती है. लेकिन जब एक्सप्रेसवे पर जगह-जगह निर्माण कार्य चलता है, तो सफर उतना आसान नहीं रहता. ऐसे में ज्यादा टोल वसूली को लेकर लंबे समय से शिकायतें भी हो रही थीं.

नए नियम से क्या बदलेगा

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नए प्रावधान के अनुसार, अगर कोई एक्सप्रेसवे शुरू से अंत तक पूरी तरह चालू नहीं है, तो केवल उसके इस्तेमाल योग्य हिस्से पर ही शुल्क लिया जाएगा. इससे टोल वसूली की प्रक्रिया ज्यादा पारदर्शी होगी और यात्रियों को यह भरोसा मिलेगा कि वे सिर्फ उतनी ही सुविधा के लिए भुगतान कर रहे हैं, जितनी उन्हें मिल रही है.

15 फरवरी से लागू होगा बदलाव

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क (दर निर्धारण और वसूली) नियम, 2008 में संशोधन की अधिसूचना जारी कर दी है. यह नया नियम 15 फरवरी से प्रभावी होगा. इसके बाद जिन एक्सप्रेसवे का काम पूरा नहीं हुआ है, वहां नई दरों के अनुसार टोल लिया जाएगा.

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आम यात्रियों और ट्रांसपोर्ट सेक्टर को फायदा

इस फैसले का फायदा निजी वाहन चालकों के साथ-साथ ट्रक और बस ऑपरेटरों को भी मिलेगा. टोल खर्च कम होने से परिवहन लागत घट सकती है, जिसका असर माल ढुलाई और किराए पर भी पड़ सकता है. कुल मिलाकर, यह कदम टोल सिस्टम को ज्यादा न्यायसंगत और यात्रियों के लिए राहत भरा बनाने की दिशा में एक अहम बदलाव माना जा रहा है.

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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