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कितने किलोमीटर चलने के बाद पुरानी मानी जाती है कार? जानें कब बढ़ने लगता है मेंटेनेंस का खर्च

क्या 1 लाख किलोमीटर चलने के बाद कार पुरानी मानी जाती है? इसका जवाब इतना सीधा नहीं है. कार की हालत सिर्फ ओडोमीटर पर दिखने वाले किलोमीटर से तय नहीं होती. जानिए कितने किलोमीटर के बाद कार को हाई-माइलेज माना जाता है और खरीदते समय किन बातों की जांच करनी चाहिए.

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कार का नया या पुराना होना कार के रखरखाव और सर्विस हिस्ट्री पर निर्भर करता है. (Image Credit-Freepik)

जब भी कोई व्यक्ति सेकंड हैंड कार खरीदने या अपनी पुरानी गाड़ी बेचने का प्लान बनाता है, तो सबसे पहले उसके दिमाग में एक सवाल आता है कि कार कितने किलोमीटर चल चुकी है. आमतौर पर माना जाता है कि ज्यादा किलोमीटर चली कार पुरानी हो जाती है और उसमें खराबी आने की आशंका भी बढ़ जाती है. लेकिन क्या वाकई कार की उम्र सिर्फ उसके ओडोमीटर पर दिखने वाले किलोमीटर से तय होती है? इसका जवाब है नहीं. कार कितनी पुरानी है, यह उसकी उम्र, रखरखाव और सर्विस हिस्ट्री पर भी निर्भर करता है. फिर भी, कुछ सामान्य पैमानों से आप समझ सकते हैं कि कार किस स्थिति में है.

15 से 50 हजार किमी चली कार कैसी होती है?

अगर किसी कार ने अब तक 15,000 से 50,000 किलोमीटर का सफर तय किया है, तो उसे आमतौर पर कम चली हुई कार माना जाता है. ऐसी गाड़ी की स्थिति काफी हद तक नई कार जैसी हो सकती है. हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि हर कम किलोमीटर चली कार अच्छी हालत में ही होगी. कार की असली स्थिति जानने के लिए उसकी सर्विस हिस्ट्री और रखरखाव की जानकारी लेना भी जरूरी है.

5 साल में 60 से 75 हजार किमी चलने वाली कार कैसी?

आमतौर पर भारत में एक कार सालभर में करीब 10,000 से 15,000 किलोमीटर चलती है. इस हिसाब से अगर कोई कार 5 साल में 60,000 से 75,000 किलोमीटर तक चली है, तो इसे सामान्य इस्तेमाल माना जा सकता है. यानी इतनी दूरी तय करने का मतलब यह नहीं है कि कार अब पुरानी या खराब हो चुकी है.

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क्या 1 लाख से 1.5 लाख किमी के बाद कार पुरानी हो जाती है?

जब कोई कार 1 लाख से 1.5 लाख किलोमीटर का आंकड़ा पार कर लेती है, तो उसे हाई-माइलेज या पुरानी कार की श्रेणी में रखा जाने लगता है. इस पड़ाव पर कार के कुछ पार्ट्स में घिसावट आ सकती है और उनकी मरम्मत या बदलाव की जरूरत पड़ सकती है. हालांकि, अगर गाड़ी की समय पर सर्विस हुई है और उसका सही रखरखाव किया गया है, तो वह आगे भी अच्छी तरह चल सकती है.

कितने किलोमीटर तक चलता है कार का इंजन?

कार के इंजन की उम्र उसके प्रकार और रखरखाव पर निर्भर करती है. आधुनिक पेट्रोल कारों के इंजन सही देखभाल के साथ करीब 2 लाख से 3 लाख किलोमीटर तक चल सकते हैं. वहीं, डीजल इंजन 4 लाख किलोमीटर तक भी अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं. इसलिए सिर्फ ओडोमीटर पर ज्यादा किलोमीटर देखकर यह फैसला नहीं करना चाहिए कि कार अब इस्तेमाल के लायक नहीं है.

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कार खरीदते समय सिर्फ किलोमीटर नहीं, सर्विस हिस्ट्री भी देखें

अगर आप पुरानी कार खरीदने जा रहे हैं, तो सिर्फ यह न देखें कि वह कितने किलोमीटर चली है. उसकी सर्विस हिस्ट्री जरूर चेक करें. अगर कार की सर्विस समय पर हुई है और इंजन, गियरबॉक्स समेत दूसरे जरूरी पार्ट्स की देखभाल की गई है, तो 2 लाख किलोमीटर चली कार भी अच्छी स्थिति में हो सकती है. इसके उलट, कम चली हुई कार में भी परेशानी हो सकती है, अगर उसका रखरखाव ठीक से नहीं किया गया हो.

10 साल पुरानी कार कम चलने के बावजूद हो सकती है कमजोर

कार की स्थिति तय करने में उसकी उम्र भी अहम भूमिका निभाती है. मान लीजिए कोई कार 10 साल पुरानी है और अब तक सिर्फ 40,000 किलोमीटर चली है. कम इस्तेमाल होने के बावजूद उसके रबर पार्ट्स, बेल्ट और बैटरी जैसे हिस्से समय के साथ कमजोर हो सकते हैं. इसलिए पुरानी कार खरीदते समय उसकी उम्र और किलोमीटर, दोनों को ध्यान में रखना जरूरी है.

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ये भी पढ़ें- कार खरीदते समय इन 5 फीचर्स के पीछे न भागें, बेवजह खर्च हो सकते हैं हजारों रुपये

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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