घर पर EV चार्ज करते हैं? ये 5 गलतियां पड़ सकती हैं भारी, बैटरी ब्लास्ट का बढ़ सकता है खतरा

आपके पास भी इलेक्ट्रिक स्कूटर है तो ये खबर आपके लिए है. यहां हम आपको बता रहे हैं की इलेक्ट्रिक स्कूटर चार्जिंग के दौरान किन गलतियों के करने से बचना चाहिए ताकि आग लगने जैसी घटनाएं न हो.

EV

EV चार्जिंग में न करें ये लापरवाही, नहीं तो मिनटों में लग सकती है आग.

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इलेक्ट्रिक स्कूटर और बाइक अब भारतीय बाजार में तेजी से पॉपुलर हो रहे हैं. लेकिन इन गाड़ियों को घर पर चार्ज करते समय छोटी-सी लापरवाही भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है. पिछले कुछ समय में चार्जिंग के दौरान ई-स्कूटर में आग लगने की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं. ऐसे में अगर आप भी घर या हाउसिंग सोसाइटी में अपना इलेक्ट्रिक वाहन चार्ज करते हैं, तो कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है.

EV खरीदने से पहले चार्जिंग की पूरी जानकारी लें

एक्सपर्ट्स का कहना है कि इलेक्ट्रिक वाहनो खरीदनों से पहले सिर्फ उसकी कीमत और रेंज पर ध्यान देना काफी नहीं है ये भी जानना जरूरी है कि उसे घर पर सुरक्षित तरीके से चार्ज करने के लिए तरह के चार्जर और इलेक्ट्रिकल सेटअप की जरूरत होगी. इसलिए वाहन खरीदते समय डीलर से चार्जिंग से जुड़ी सभी जानकारी जरूर लें, ताकि बाद में किसी तरह की परेशानी न हो.

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घर का बिजली लोड जरूर कर चेक

ईवी चार्ज करने से पहले ये चेक करें कि आपके घर का बिजली कनेक्शन इसका लोड संभालने में सक्षम हो. अगर कम पावर वाले कनेक्शन पर इलेक्ट्रिक स्कूटर या बाइक चार्ज की जाती है, तो वायरिंग और बिजली पर ज्यादा लोड पड़ता है इसे शॉर्ट सर्किट और आग लगने जैसी घटना हो सकती है.

एक्सपीरियंस्ड टेक्नीशियन से लगवाएं चार्जर

घर में ईवी चार्जर का इस्टॉलेशन किसी भी अनजान व्यक्ति से नहीं करवाएं. चार्जर हमेशा किसी ट्रैन्ड टेक्नीशियन से ही लगवाएं. सही तरीके से लागया गया चार्जर न सिर्फ बेहतर परफॉर्म करता है, बल्कि सुरक्षा के लिहाज से भी ज्यादा भरोसेमंद होता है.

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डेडिकेटेड इलेक्ट्रिकल सर्किट का इस्तेमाल करें

एक्सपर्ट्स का मानना है कि ईवी चार्जर को हमेशा अलग यानी डेडिकेटेड इलेक्ट्रिकल सर्किट से जोड़ा जाए. इससे चार्जिंग के दौरान दूसरे घर के उपकरणों पर असर नही पड़ता और बिजली को लोड भी बेलेंस्ड रहता है. ये तरीका दुर्घटना की संभावना को काफी हद कम कर देता है.

एक्सटेंशन कॉर्ड और एडाप्टर से करें परहेज

इलेक्ट्रिक स्कूटर या बाइक चार्ज करने के लिए कभी भी एक्सटेंशन कार्ड, अस्थायी वायरिंग या जुगाड़ वाले कनेक्शन का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. इसी तरह चार्जर के साथ किसी भी तरह का एडाप्टर लगाने से भी बचना चाहिए. ऐसे तरीके सुरक्षा के लिहाज से सही नहीं माने जाते और हादसे का कारण बना सकते हैं.

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सही चार्जिंग सेटअप क्यों है जरूरी?

एक्सपर्ट्स के मुताबिक देश में सिर्फ करीब 55 प्रतिशत ईवी मलिकों के पास ही सुरक्षित और सही चार्जिंग सेटअट उपलब्ध है. यही वजह है कि चार्जिंग के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं की खबरें समय-समय पर सामने आती रहती हैं. ऐसे में आप कुछ जरूरी नियमों का पालन करते हैं और सही चार्जिंग व्यवस्थ अपनाते हैं तो इस तरह के हादसों से बचा जा सकता है.

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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