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हाईवे पर पेट्रोल-डीजल खत्म होने पर क्या टोल प्लाजा देगा मुफ्त फ्यूल? जानें NHAI का नियम

हाईवे पर सफर के दौरान अगर गाड़ी का पेट्रोल या डीजल खत्म हो जाए, तो क्या टोल प्लाजा से मुफ्त ईंधन मिल सकता है? बहुत से वाहन चालकों को इस बारे में जानकारी नहीं होती. NHAI ने इसको लेकर स्थिति साफ की है. जानिए हाईवे पर फंसने पर कहां मिलेगी मदद, किस नंबर पर करना होगा कॉल और क्या इसके लिए पैसे देने पड़ेंगे.

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हाईवे पर कहीं फंसने पर कुछ मामलों में मदद मांगी जा सकती है. (Image Credit-AI)

नेशनल हाईवे पर लंबा सफर करते समय कई बार ऐसी स्थिति बन जाती है, जब गाड़ी का पेट्रोल या डीजल अचानक खत्म हो जाता है. ऐसे में ड्राइवर बीच रास्ते में फंस जाता है और समझ नहीं आता कि मदद कहां से मिलेगी. कुछ लोगों को लगता है कि टोल प्लाजा पर पहुंचकर मुफ्त पेट्रोल या डीजल लिया जा सकता है. लेकिन क्या वाकई टोल प्लाजा पर ऐसी कोई सुविधा मिलती है? दरअसल, NHAI की ओर से टोल प्लाजा पर मुफ्त ईंधन देने का कोई प्रावधान नहीं है. हालांकि, इमरजेंसी में नेशनल हाईवे की टीमें आपकी मदद जरूर कर सकती हैं. इसके लिए 1033 हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है.

क्या टोल प्लाजा पर मिलता है फ्री पेट्रोल या डीजल?

इस सवाल का जवाब है नहीं. NHAI की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की गई जानकारी के मुताबिक, नेशनल हाईवे पर बने टोल प्लाजा पर वाहन चालकों को मुफ्त पेट्रोल या डीजल देने की सुविधा नहीं है. यानी अगर सफर के दौरान आपकी गाड़ी का ईंधन खत्म हो जाता है, तो टोल प्लाजा से फ्री में पेट्रोल या डीजल नहीं मिलेगा.

हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि हाईवे पर फंसने के बाद आपको कोई मदद नहीं मिलेगी. ऐसी स्थिति में नेशनल हाईवे की पेट्रोलिंग और इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीमें आपकी सहायता कर सकती हैं.

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हाईवे पर गाड़ी का फ्यूल खत्म हो जाए तो कैसे मिलेगी मदद?

अगर नेशनल हाईवे पर सफर के दौरान आपकी गाड़ी का पेट्रोल या डीजल खत्म हो जाता है, तो आप इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम से संपर्क कर सकते हैं. टीम आपकी स्थिति के हिसाब से फ्यूल सपोर्ट का इंतजाम करने में मदद कर सकती है. इसके अलावा जरूरत पड़ने पर गाड़ी को नजदीकी पेट्रोल पंप तक पहुंचाने के लिए टोइंग सर्विस भी उपलब्ध कराई जा सकती है.

फ्यूल या टोइंग सर्विस के लिए देना होगा पैसा

यहां एक बात समझना जरूरी है कि इमरजेंसी में मिलने वाली मदद का मतलब मुफ्त पेट्रोल या डीजल नहीं है. अगर आपकी गाड़ी के लिए ईंधन का इंतजाम किया जाता है, तो उसका खर्च आपको खुद उठाना होगा. इसी तरह टोइंग सर्विस लेने पर भी शुल्क देना पड़ सकता है. यानी हाईवे पर फंसने की स्थिति में सहायता जरूर मिल सकती है, लेकिन इसके लिए मुफ्त सेवा मिलने की गारंटी नहीं है.

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1033 नंबर पर कॉल करके मांग सकते हैं मदद

अगर आप NHAI के टोल वाले नेशनल हाईवे पर किसी इमरजेंसी में फंस जाते हैं, तो 1033 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर सकते हैं. यह हेल्पलाइन 24 घंटे और सातों दिन चालू रहती है. गाड़ी का ईंधन खत्म होने, वाहन खराब होने या किसी दूसरी आपात स्थिति में इस नंबर पर संपर्क करके सहायता मांगी जा सकती है.

हाईवे पर सफर से पहले इन बातों का रखें ध्यान

लंबे सफर पर निकलने से पहले कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना आपको बीच रास्ते में होने वाली परेशानी से बचा सकता है. सबसे पहले गाड़ी में पर्याप्त पेट्रोल या डीजल भरवा लें. रास्ते में पड़ने वाले पेट्रोल पंपों की जानकारी भी पहले से रख लें. कोशिश करें कि फ्यूल टैंक में ईंधन बहुत कम होने के बाद ही पेट्रोल पंप तलाशना शुरू न करें.

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इसके बावजूद अगर हाईवे पर गाड़ी का ईंधन खत्म हो जाए, तो वाहन को सुरक्षित जगह पर रोकें और मदद के लिए 1033 पर कॉल करें. ध्यान रखें कि NHAI की ओर से इमरजेंसी सहायता मिल सकती है, लेकिन टोल प्लाजा पर मुफ्त पेट्रोल या डीजल देने की कोई सुविधा नहीं है.

ये भी पढ़ें- क्या BS6 गाड़ियों से बिल्कुल नहीं निकलता धुआं, ये नहीं फैलाती प्रदूषण? जानिए कैसे काम करती है यह तकनीक

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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