Lok Adalat On 10 Jaurnary: अगर आपकी कार, बाइक या स्कूटर पर पुराने ट्रैफिक ई-चालान (e-challan) जमा हैं और जुर्माने की रकम बढ़ती जा रही है, तो आपके लिए बड़ी राहत की खबर है. दिल्ली में 10 जनवरी 2026 को नेशनल लोक अदालत लगने जा रही है, जहां पुराने ट्रैफिक चालान कम जुर्माने में या कई मामलों में पूरी तरह माफ कराकर निपटाए जा सकते हैं. यह मौका खास तौर पर उन वाहन मालिकों के लिए है, जो लंबे समय से पेंडिंग चालानों को लेकर परेशान हैं.
10 जनवरी को लगेगी नेशनल लोक अदालत
दिल्ली के सभी जिला न्यायालयों में 10 जनवरी 2026, शनिवार को नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा. इसमें कार, बाइक, स्कूटर या अन्य वाहनों से जुड़े पुराने ट्रैफिक चालानों को सेटल किया जा सकेगा. लोक अदालत का मकसद लोगों को लंबी कानूनी प्रक्रिया से राहत देना और छोटे मामलों का जल्दी निपटारा करना है.
रजिस्ट्रेशन कब और कैसे करें
लोक अदालत में शामिल होने के लिए पहले ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन जरूरी है. इसके लिए रजिस्ट्रेशन 5 जनवरी 2026 सुबह 10 बजे से शुरू हो चुके हैं. आपको दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की वेबसाइट पर दिए गए लोक अदालत लिंक पर जाकर आवेदन करना होगा. ध्यान रखें कि एक दिन में अधिकतम 45,000 और कुल 1,80,000 चालान ही लिए जाएंगे, इसलिए देरी करना नुकसानदायक हो सकता है.
कौन-कौन से चालान होंगे शामिल
इस लोक अदालत में केवल 30 सितंबर 2025 तक के पेंडिंग ट्रैफिक चालान ही शामिल किए जाएंगे. अगर इसके बाद का कोई चालान है, तो वह इस बार सेटल नहीं हो पाएगा. इसलिए आवेदन करने से पहले अपने सभी बकाया चालानों की तारीख जरूर जांच लें.
1.पहले पेंडिंग चालान चेक करें– सबसे पहले दिल्ली ट्रैफिक पुलिस या परिवहन विभाग के पोर्टल पर जाकर अपने वाहन नंबर से पेंडिंग चालान चेक करें. इससे आपको साफ पता चल जाएगा कि कौन-कौन से चालान सेटल हो सकते हैं.
2. ऑनलाइन आवेदन और टोकन– चालान चेक करने के बाद लोक अदालत के रजिस्ट्रेशन लिंक पर जाकर फॉर्म भरें. जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करने के बाद आपको एक टोकन नंबर और अपॉइंटमेंट लेटर मिलेगा. इसे डाउनलोड करके प्रिंट निकालना जरूरी है.
3. कोर्ट में हाजिरी- 10 जनवरी को अपॉइंटमेंट लेटर में दिए गए समय पर संबंधित जिला न्यायालय पहुंचें. तीस हजारी, साकेत, रोहिणी, द्वारका, पटियाला हाउस, कड़कड़डूमा और राउज एवेन्यू कोर्ट में यह लोक अदालत लगेगी. अपने साथ वाहन की RC, ड्राइविंग लाइसेंस, बीमा, PUC सर्टिफिकेट और टोकन का प्रिंटआउट जरूर रखें.
4. सुनवाई और फैसला– लोक अदालत में जज आपके मामले की सुनवाई करेंगे. चालान की प्रकृति और गंभीरता को देखते हुए जुर्माना कम किया जा सकता है या कुछ मामलों में पूरी तरह माफ भी किया जा सकता है.
5. जुर्माना जमा करें– अगर कोई संशोधित जुर्माना तय होता है, तो उसे उसी समय काउंटर पर जमा करना होगा. पेमेंट होते ही आपका चालान सिस्टम से हटा दिया जाएगा.
कौन से चालान माफ हो सकते हैं
लोक अदालत में आमतौर पर छोटे ट्रैफिक अपराधों को निपटाया जाता है. जैसे बिना हेलमेट या सीट बेल्ट गाड़ी चलाना, रेड लाइट जंप करना, ओवरस्पीडिंग, गलत पार्किंग, बिना PUC सर्टिफिकेट या नंबर प्लेट से जुड़े चालान. हालांकि शराब पीकर गाड़ी चलाना, हिट एंड रन या गंभीर हादसों जैसे मामलों को लोक अदालत में सेटल नहीं किया जाता.
ये मामले भी होंगे शामिल
नेशनल लोक अदालत में केवल ट्रैफिक चालान ही नहीं, बल्कि छोटे सिविल मामले, पारिवारिक विवाद और संपत्ति से जुड़े कुछ केस भी निपटाए जा सकते हैं. कुल मिलाकर यह लोक अदालत आम लोगों को राहत देने का एक बड़ा मंच साबित होती है.
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