चाबी कार में लॉक हो जाए तो क्या करें? भूलकर भी न शीशा तोड़ने जैसी ये गलतियां, जानें सही तरीका

कार की चाबी अंदर रह गई और गाड़ी लॉक हो गई? घबराकर शीशा तोड़ने या लॉक में तार-पेचकस डालने की गलती बिल्कुल न करें. ये तरीके कार को खोलने के बजाय बड़ा नुकसान करा सकते हैं और हजारों रुपये का खर्च बढ़ा सकते हैं. तो ऐसी कंडीशन में क्या करें और क्या नहीं.

car unlock tips

कार की चाबी अंदर रह गई और गाड़ी लॉक हो गई? घबराकर शीशा तोड़ने या लॉक में तार-पेचकस डालने की गलती बिल्कुल न करें. (Image Credit- AI)

कार से बाहर निकलते समय अगर चाबी गलती से अंदर रह जाए और दरवाजा लॉक हो जाए, तो उस वक्त घबराहट होना स्वाभाविक है. कई लोग ऐसी स्थिति में जल्दबाजी में शीशा तोड़ने या लॉक में तार-पेचकस डालने जैसी कोशिश शुरू कर देते हैं. लेकिन ये तरीके कार खोलने के बजाय आपकी परेशानी और बढ़ा सकते हैं. इससे कार के लॉकिंग सिस्टम, शीशे, दरवाजे या बॉडी को नुकसान पहुंच सकता है और बाद में हजारों रुपये का खर्च भी आ सकता है. इसलिए अगर कभी कार की चाबी अंदर लॉक हो जाए, तो सबसे पहले शांत रहें और ये गलतियां करने से बचें.

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खिड़की तोड़ना सबसे बड़ी गलती

चाबी कार के अंदर रह जाने पर कई लोगों के दिमाग में सबसे पहले खिड़की तोड़ने का ख्याल आता है. ये आसान है लेकिन ये नुकसानदेह हो सकता है. शीशा टूटने से हाथ या शरीर के किसी हिस्से में चोट लग सकती है. इसके अलावा नया शीशा लगवाने के साथ कार के अंदर फैले कांच को साफ करान का खर्च भी उठाना पड़ सकता है. सिर्फ चाबी अंदर रह जाने की वजह से शीशा तोड़ने इसलिए सही फैसला नहीं है. 

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हालांकि अगर कार के अंदर बच्चा या पालतू जानवर फंसा है और उसकी जान को तुरंत खतरा है, तो स्थिति अलग है. ऐसे में खुद से कांच तोड़ने की कोशिश करने के बजाय तुरंत इमरजेंसी मदद लेना ज्यादा सुरक्षित रहेगा.

लॉक में तार या पेचकस डालने से बचें

कार का लॉक खोलने के लिए तार, स्केल, पेचकस या किसी दूसरी पतली चीज का इस्तेमाल करना भी भारी पड़ सकता है. बाहर से यह तरीका आसान लगता है, लेकिन इससे दरवाजे के अंदर मौजूद लॉकिंग सिस्टम, वायरिंग और दूसरे पार्ट्स खराब हो सकते हैं. खासकर नई कारों में इलक्ट्रॉनिक लॉक और सेंसर का इस्तेमाल होता है. 

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ऐसे में गलत तरीके से लॉक के साथ छेड़छाड़ करने पर छोटी समस्या बड़ी खराबी में बदल सकती है. अगर कोई चीज लॉक के अंदर फंस गई या सिस्टम डैमेज हो गया, तो बाद में मरम्मत का खर्च सामान्य लॉकआउट सर्विस से कहीं ज्यादा हो सकता है.

दरवाजे को ताकत लगाकर खोलने की कोशिश न करें

कुछ लोग लॉक होने के बाद दरवाजे को बार-बार जोर से खींचते हैं. ऐसा करना भी कार के लिए नुकसानदेह हो सकता है. ज्यादा जोर से लगने से दरवाजे का हैंड, लॉकिंग सिस्टम और रबर सील खराब हो सकती है. अगर दरवाजे और बॉडी के बीच जबरदस्ती जगह बनाई जाती है तो बॉडी या फ्रेम को भी नुकसान पहुंच सकता है. इसके बाद दरवाजा ठीक से बंद न होने के साथ हवा और पानी अंदर आने जैसी दिक्कतें शुरू हो सकती हैं.

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चाबी कार के अंदर लॉक हो जाए तो क्या करें?

पहले दूसरी चाबी और कार के दूसरे विकल्प देखें

अगर चाबी अंर लॉक हो गई है तो सबसे पहले यह देखें कि आपके पास स्पेयर की उपलब्ध है या नहीं. अगर दूसरी चाबी है तो उससे लॉक खोलें. वहीं आज कल की कुछ कारों में मोबाइल ऐप, डिजिटल की या रिमोट के जरिए कार अनलॉक करने की सुविधा भी मिलती है. अगर आपकी कार में इनमें से कोई फीचर है तो उसे भी चेक करें. साथ ही एक बार कार के बाकी दरवाजें और बूट को भी जरूर देख लें. कभी-कभी कोई दूसरा हिस्सा लॉक नहीं होता और बिना किसी नुकसान के कार खुल सकती है.

जरूरत पड़े तो रोडसाइड असिस्टेंस बुलाएं

ऊपर दिए कोई ऑप्श काम न आएं तो कार कंपनी की रोडसाइड असिस्टेंस सर्विस से संपर्क करना सबसे सुरक्षित तरीका है. अगर आपके पास यह सुविधा नहीं है, तो किसी भरोसेमंद ऑटो लॉकस्मिथ की मदद ली जा सकती है. एक्सपर्ट के पास कार का लॉक सेफ तरीके से खोलने के लिए जरूरी उपकरण और एक्सपीरियंस होता है. इससे कार को नुकसान पहुंचने की संभावना भी कम रहती है. खासकर नई या महंगी कार में खुद से लॉक खोलने की कोशिश करने के बजाय एक्सपर्ट की मदद लेना समझदारी होगी.

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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