Vishnu Sahastranaam Path: हिंदू धर्म में कार्तिक मास का अधिक महत्व माना गया है, क्योंकि कार्तिक माह में भगवान विष्णु योग निद्रा से जागते हैं। कार्तिक मास चातुर्मास का अंतिम महीना होता है। साथ ही इस माह में भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा की जाती है। मान्यता है कि भगवान विष्णु की पूजा के साथ उनके प्रिय स्रोत का पाठ करना चाहिए। जो जातक भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा करते हैं, उन्हें भगवान विष्णु का आशीर्वाद मिलता है। साथ ही सभी पापों से मुक्ति भी मिल जाती है। तो आज इस खबर में जानेंगे कि विष्णु जी का प्रिय स्तोत्र कौन सा है और उसका क्या महत्व है। तो आइए विस्तार से जानते हैं।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, भगवान विष्णु को सृष्टि का पालनहार कहा गया है। मान्यता है कि मानव जीवन से जुड़े सुख-दुख का चक्र भगवान विष्णु के ही हाथ में होता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, जो जातक कार्तिक मास में विष्णु सहस्त्रनाम पाठ का जाप करता है, उसके जीवन में हर तरह की बाधाएं और विपदा दूर जाती है। साथ ही भगवान विष्णु का आशीर्वाद भी मिलता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करने से ग्रहों का भी शुभ परिणाम मिलता है।
यह भी पढ़ें- करवा चौथ पर महिला क्यों करती है सोलह श्रृंगार? जानें इसका महत्व और विस्तारडिस्क्लेमर:यहां दी गई जानकारी ज्योतिष पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विषय के एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें।