Vastu Tips For Bedroom: अक्सर छोटे बच्चे रात को अचानक ही उठकर रोने लगते हैं। कई बार नींद में ही इतना डर जाते हैं कि बोल भी नहीं पाते और लगातार रोते रहते हैं। यह स्थिति कई बार बड़ों के साथ भी हो सकती है। खासतौर पर युवा या प्रौढ़ भी नींद में अचानक घबराकर उठ सकते हैं। ऐसा अलग-अलग कारणों से होता है। हालांकि ज्योतिष की सलाह मान कर इस समस्या को हमेशा के लिए दूर किया जा सकता है।
ज्योतिषाचार्य पंडित रामदास के अनुसार ग्रहों की प्रतिकूल स्थिति के कारण नींद उचट सकती है। ऐसा किसी स्ट्रेस या बीमारी की वजह से भी हो सकता है। हालांकि उन सबके अंत में ग्रहों का ही असर होता है। यदि किसी भी तरह से इन ग्रहों को नियंत्रित कर लिया जाए या अनुकूल बना लें तो समस्या हल हो जाएगी। जानिए ऐसे ही कुछ उपायों के बारे में
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अनिद्रा की समस्या दूर करने के लिए करें ये उपाय (Vastu Tips for Bedroom)
चंदन के इत्र का करें प्रयोग
वैदिक ज्योतिष के अनुसार नींद का घऱ बारहवां भाव होता है। यहां पर राहु का स्वामित्व रहता है। यदि राहु अनुकूल हो जाए तो नींद और तनाव संबंधी समस्त बीमारियों से पीछा छूट जाता है। इसके लिए आपको सोते समय अपने बेडरूम में चंदन का इत्र छिड़क दें। ध्यान रखें कि आपको परफ्यूम का प्रयोग नहीं करना है। केवल इत्र का प्रयोग करें क्योंकि यह प्राकृतिक होता है और राहु के दोष को प्रभावी रूप से दूर करता है। परफ्यूम ऐसा नहीं करता है।
यदि किसी बच्चे या बड़े की बार-बार नींद टूट जाती है तो रात को अपने सिरहाने जौ के कुछ दाने रख लें। इन दानों को सुबह कबूतरों या दूसरे पक्षियों को खिला दें। ऐसा करने से उस व्यक्ति की नींद की समस्या हमेशा के लिए दूर हो जाएगी। साथ ही जीवन के अन्य क्षेत्रों में भी इसका लाभ मिलेगा। आर्थिक समृद्धि भी मिलने लगेगी।
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कभी भी अपने बेडरूम में या बेड के अंदर जूते, चप्पल, गंदगी या इलेक्ट्रिक सामान नहीं रखें। ऐसा करना उस रूम में रहने वालों के लिए स्थाई रूप से अनिद्रा की समस्या लेकर आता है। अतः इस तरह के फालतू कबाड़ को बेडरूम से बाहर ही रखना चाहिए। बहुत से घरों में इन दिनों बॉक्स वाले बेड बनाए जाते हैं। इनमें दुनिया भर का फालतू सामान रख दिया जाता है। पारंपरिक वास्तु ज्योतिष के अनुसार ऐसा करना भी अनिद्रा का कारण बनता है। जैसे ही आप अपने बेड के बॉक्स को पूरी तरह से खाली कर देंगे, आपको अपने-आप ही अच्छी नींद आने लगेगी।
कभी भी अपने बिस्तर की चादर को बिना धोएं लंबे समय तक प्रयोग न करें। ऐसा करना भी अनिद्रा लाता है। प्रत्येक तीन से चार दिनों में बेड की चादर और तकिए के कवर को धो लेना चाहिए। ऐसा नहीं करने पर उस बिस्तर पर सोने वाले में नेगेटिविटी आती है। अत: नियमित रूप से बेडशीट और पिलो कवर को बदलते रहें।
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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विषय के एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें।
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