Vastu Shastra: सूर्यास्त के बाद भूलकर भी न करें ये 5 काम, वरना मां लक्ष्मी हो जाएंगी नाराज!

Vastu Shastra: शास्त्र में सूर्यास्त के बाद कुछ कार्यों को करने की मनाही की गई है। आइए जानते हैं कि आपको किन-किन कामों को करने से बचना चाहिए?

sunset
विज्ञापन
विज्ञापन

ब्रह्म मुहूर्त से लेकर सूर्योदय और सूर्यास्त तक के समय में किए जाने वाले काम और उनका जीवन पर क्या असर पड़ता है, इसकी भी जानकारी दी गई है। शास्त्र में सूर्यास्त के बाद कुछ कार्यों को करने की मनाही की गई है। ऐसा करने वाले के घर में कलह-क्लेश, पैसों की तंगी रहती है। जबकि, नियम का पालन करने वालों (Vastu Shastra Tips) से मां लक्ष्मी प्रसन्न रहती हैं और उन्हें जीवन में धन हानि का सामना नहीं करना पड़ता है, आइए 5 ऐसे काम के बारे में जानते हैं जिन्हें सूर्यास्त के बाद भूलकर भी नहीं करना चाहिए।

भूलकर भी सूर्यास्त के बाद न करें ये 5 काम

1. शाम के समय बाल में कंघी नहीं करना चाहिए। इससे वास्तु दोष उत्पन्न होता है। ज्योतिष के अनुसार मां लक्ष्मी नाराज हो सकती हैं।

2. शाम के समय घर में झाड़ू नहीं लगाना चाहिए और न ही घर में किसी भी तरह की साफ-सफाई करनी चाहिए। इससे भी मां लक्ष्मी नाराज हो सकती है। साथ ही आपको घर में धन की कमी भी होने लग सकती है।

विज्ञापन

3. सूर्यास्त के तुरंत बाद कभी भी सोना नहीं चाहिए। इससे भी वास्तु दोष उत्पन्न होता है और घर में नकारात्मक शक्तियां प्रवेश करती है।

विज्ञापन

4. संध्या के समय नाखून नहीं काटने चाहिए। इससे भी कई तरह के वास्तु दोष उत्पन्न होता है और जीवन में कई तरह के परेशानी आती है।

5. इसके कारण हर काम में रुकावट भी आती है। हिन्दू धर्म के अनुसार, शाम के समय बर्तन भी नहीं धोना चाहिए इससे भी वास्तु दोष लगता है साथ ही माता लक्ष्मी नाराज हो जाती है। जिसके कारण जीवन में कई तरह के परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

विज्ञापन

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विषय के एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें।

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

/ताज़ा खबरें

विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ