Shani Ast 2026 Predictions: प्रसिद्ध भविष्यवक्ता बाबा वेंगा ने साल 2026 के लिए की भीषण और डरावनी भविष्यवाणियां की हैं. इसमें तीसरे विश्वयुद्ध का माहौल तैयार होना, धरती का एलियन उपस्थिति, सबसे शक्तिशाली देश के नेता का पतन, महामारी जैसी कई मसले हैं. इन सबको यदि वैदिक ज्योतिष के ग्रहों, विशेष कर शनि और राहु से जोड़ा जाए, तो यह संभव प्रतीत होता है, साल 2026 में यह सब हो सकता है. क्योंकि, 2026 में शनि ग्रह 40 दिनों के अस्त हो रहे हैं. केवल इतना ही नहीं बल्कि इसी साल शनि ग्रह 138 दिनों के लिए वक्री होकर उल्टी चाल भी चलने वाले हैं.
सवाल उठता है कि क्या क्या 2026 में शनि का अस्त और वक्री होना विनाशकारी साबित हो सकता है? इसके उत्तर में ज्योतिषाचार्य हर्षवर्द्धन शांडिल्य कहते हैं, हां, यह विनाशकारी होगा, लेकिन उस तरह से नहीं, जिस तरह बाबा वेंगा की भविष्यवाणियां हैं. क्योंकि बाबा वेंगा ने इतने क्लियर ढंग से कुछ बताया नहीं है, वे केवल एक अनुमान और संकेत देते हैं. आपको बता दें, द्रिक पंचांग के अनुसार, शनि 13 मार्च 2026 से 22 अप्रैल 2026 तक (40 दिन) मीन राशि में अस्त रहेंगे और 27 जुलाई, 2026 से 11 दिसंबर, 2026 तक वक्री रहेंगे. आइए जानते हैं, शनि के अस्त और वक्री होने से किस सेक्टर पर सबसे अधिक असर होगा?
---विज्ञापन---
शनि के अस्त होने का प्रभाव
जब शनि अस्त अवस्था में होते हैं, तब उनकी न्याय करने और कर्मों के अनुसार फल प्रदान करने की शक्ति मंद हो जाती है, जिसका प्रभाव जीवन के हर क्षेत्र पर गहराई और व्यापकता से पड़ता है.
---विज्ञापन---
करियर और प्रोफेशन
इस दौरान नौकरी में प्रमोशन की उम्मीद लगभग धुंधली पड़ सकती है. नए प्रोजेक्ट्स बार-बार अटक सकते हैं या पूरी तरह रुक भी सकते हैं. शनि लोहा, मशीन और तेल के कारक हैं, इसलिए खासकर लोहे, मशीनों, तेल और मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े कामों में भारी रुकावटें आएँगी और काम की रफ्तार बेहद सुस्त हो जाएगी. पैसों से जुड़ा नुकसान लगातार बढ़ता जाएगा, जिससे मानसिक तनाव गहराता चला जाएगा. जिंदगी में डिप्रेशन का असर हर काम पर बुरा असर डालेगा.
यह भी पढ़ें: Hastrekha Secrets: क्या संकेत देता है हथेलियों को मिलाने पर आधा चांद बनना, ये शुभ संकेत है या चेतावनी, जानें
आर्थिक और निवेश
इस समय शेयर बाजार और बड़े निवेशों में भारी अनिश्चितता बनी रह सकती है. लगाया गया पैसा फँसने या उम्मीद के मुताबिक लाभ न मिलने की संभावना ज़्यादा रहेगी. प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त में विशेष सावधानी जरूरी है, क्योंकि शनि संपत्ति से जुड़े ग्रह माने जाते हैं और उनकी कमजोर अवस्था में जमीन-मकान से जुड़े फैसले नुकसान दे सकते हैं. बिना पूरी जाँच-पड़ताल के किया गया निवेश बाद में बड़ी परेशानी और पछतावे का कारण बन सकता है.
स्वास्थ्य
शनि के अस्त और वक्री होने पर सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है, क्योंकि शनि उम्र और स्वास्थ्य से जुड़े ग्रह माने जाते हैं. इस दौरान हड्डियों, जोड़ों और नसों से जुड़ी पुरानी बीमारियां फिर से परेशान कर सकती हैं. इससे यह समय 'मारक' भी बन सकता है. शरीर में कमजोरी, दर्द और थकान बनी रह सकती है. साथ ही मन भी बेचैन रहेगा, बार-बार उलझन, डर या अंदर ही अंदर कन्फ्यूजन महसूस हो सकता है.
निर्माण और रियल एस्टेट
शनि ग्रह श्रम और श्रमिकों के स्वामी ग्रह हैं. उनके अस्त और वक्री होने पर निर्माण और रियल एस्टेट से जुड़े कामों में बड़ी परेशानियां आ सकती हैं. मजदूरों की कमी, काम में लापरवाही या कंस्ट्रक्शन से जुड़ी दिक्कतों की वजह से प्रोजेक्ट बीच में अटक सकते हैं या लंबे समय तक रुके रह सकते हैं. ऐसे में लगाया गया पैसा फंस सकता है और बड़े आर्थिक नुकसान सहना पड़ सकता है, जिसे संभाल पाना आसान नहीं होगा.
बाढ़, भूकंप और नई बीमारियां
शनि के अस्त और वक्री होने का असर सिर्फ व्यक्ति तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरी दुनिया के मौसम और आम जनता की सेहत पर भी गंभीर रूप से दिखाई देगा. मौसम में भारी असंतुलन पैदा हो सकता है, जिससे बाढ़, भूकंप, आगजनी और बड़ी दुर्घटनाओं जैसी त्रासदियों का सामना करना पड़ सकता है. आम लोगों का जीवन भय और असुरक्षा से भर सकता है. साथ ही नई-नई बीमारियां जन्म लेंगी, जो धीरे-धीरे महामारी का रूप भी ले सकती हैं.
यह भी पढ़ें: Gemstone Wearing Rules: माणिक, हीरा, नीलम हो या पुखराज, रत्न पहनने के बाद भूल से भी न करें ये 5 काम, वरना…