Shani Ast: ज्योतिष शास्त्र में शनि को कर्मफल का स्वामी होने का दायित्व प्राप्त है और उनको मनुष्य को उसके कर्म के अनुसार शुभ-अशुभ फल देने की जिम्मेदारी दी गई है। इसलिए शनि की हर गतिविधि पर ज्योतिषियों और पंडितों की बड़ी खास नजर रहती है। आज से 6 दिन बाद यानी 28 फरवरी से नवग्रहों में बेहद इस शक्तिशाली ग्रह यानी शनि अस्त होने वाले हैं। ज्योतिष गणना के अनुसार, शनिदेव शुक्रवार 28 फरवरी, 2025 की शाम में 07:06 PM बजे अस्त होंगे। कुंभ राशि में अस्त होकर शनि इस अवस्था में कुल 40 दिनों तक रहेंगे।
अस्त शनि का राशियों पर असर
दृक पंचांग के अनुसार, अपनी अस्त अवस्था में ही शनिदेव 29 मार्च, 2025 को अपना राशि परिवर्तन करेंगे और कुंभ राशि से निकलकर मीन राशि में गोचर करेंगे। अपने इस गोचर के 11वें दिन यानी बुधवार 9 अप्रैल, 20 मीन राशि में उदित होंगे। शनि के अस्त होने का असर यूं तो सभी राशियों पर पड़ेगा, लेकिन ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, 3 राशियों पर बेहद सकारात्मक असर होने की संभावना है। आइए जानते हैं, ये 3 लकी राशियां कौन-सी हैं?
तुला राशि
तुला राशि पर अस्त शनि का प्रभाव सकारात्मक हो सकता है, क्योंकि शनि इस राशि के स्वामी शुक्र शनि के परम मित्र हैं। इस दौरान तुला राशि के जातकों को करियर और व्यवसाय में लाभ हो सकता है। उनकी मेहनत और लगन का परिणाम मिलेगा, और वित्तीय स्थिति में सुधार होगा। न्याय और संतुलन के मामलों में सफलता मिल सकती है। यदि कोई कानूनी मामला चल रहा है, तो उसमें अनुकूल परिणाम मिल सकते हैं। मानसिक तनाव में कमी आएगी और ऊर्जा स्तर बेहतर रहेगा।
मकर राशि
मकर राशि शनि की स्वराशि है, इसलिए अस्त शनि का प्रभाव इस राशि पर सकारात्मक हो सकता है। इस दौरान मकर राशि के जातकों को करियर और व्यवसाय में सफलता मिल सकती है। शनि की स्थिति से उन्हें आत्मविश्वास और धैर्य मिलेगा, जिससे वे अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर सकेंगे। वित्तीय स्थिति में सुधार और नए अवसर प्राप्त हो सकते हैं। सरकारी या प्रशासनिक कार्यों में सफलता मिलने की संभावना अधिक होगी। मित्रों और सहयोगियों का सहयोग प्राप्त होगा, जिससे मनोबल बढ़ेगा।
कुंभ राशि
कुंभ राशि शनि की स्वराशि होने के साथ-साथ मूल त्रिकोण राशि भी है, इसलिए अस्त शनि का प्रभाव इस राशि पर भी अनुकूल हो सकता है। इस समय कुंभ राशि के जातकों को रचनात्मकता और इनोवेशन में सफलता मिल सकती है। सामाजिक और पारिवारिक संबंधों में सुधार होगा और उन्हें समाज में भरपूर सम्मान मिलेगा। निर्णय क्षमता मजबूत होगी, जिससे सही फैसले लेकर लाभ प्राप्त किया जा सकता है। आध्यात्मिक और मानसिक शांति की प्राप्ति हो सकती है। स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में सुधार हो सकता है, खासकर जो लंबे समय से परेशान कर रही थीं।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।