Sankashti Chaturthi: 9 फरवरी को है चतुर्थी, गणेशजी के इन मंत्रों के जाप से मिलेगा कुबेर का खजाना

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Sankashti Chaturthi: फरवरी माह में आने वाली फाल्गुन माह की संकष्टी चतुर्थी इस बार 9 फरवरी को आ रही है। इस दिन भगवान गणपति की पूजा की जाती है। उन्हें प्रसन्न कर उनका आशीर्वाद लिया जाता है। आचार्य अनुपम जौली के अनुसार संकष्टी चतुर्थी का व्रत करने से व्यक्ति के सभी कष्ट दूर होते हैं।

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार किसी भी कार्य की शुरूआत में सर्वप्रथम गणेशजी की पूजा की जाती है। उनके ॐकार स्वरूप का ध्यान करते हुए उनके कष्ट हरने की प्रार्थना की जाती है। संकष्टी चतुर्थी पर बहुत से भक्त व्रत भी करते हैं। आप भी इस चतुर्थी पर व्रत तथा पूजा कर अपने सोए भाग्य को जगा सकते हैं।

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संकष्टी चतुर्थी पर बन रहे हैं ये शुभ मुहूर्त (Sankashti Chaturthi Puja Shubh Muhurat)

इस बार संकष्टी चतुर्थी तिथि 9 फरवरी 2023 को सुबह 6.23 बजे आरंभ होगी। इसका समापन अगले दिन 10 फरवरी 2023 को सुबह 7.58 बजे होगा। इस दिन चंद्रोदय का समय रात्रि 8.45 बजे रहेगा। वैसे तो पूरा दिन ही शुभ है फिर भी विशेष शुभ मुहूर्त यहां दिए जा रहे हैं।

सुबह 7.05 बजे से 08.27 बजे तक शुभ का चौघड़़िया रहेगा। दोपहर 12.35 बजे से 1.58 बजे तक लाभ का एवं दोपहर 1.58 बजे से 3.21 बजे तक अमृत का चौघड़िया रहेगा। दोपहर 4.44 बजे से सायं 6.06 बजे तक शुभ का चौघड़िया रहेगा।

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इन मंत्रों से करें गणेशजी की पूजा (Powerful Ganesh Mantra)

शास्त्रों में गजानन को प्रसन्न करने के लिए कई उपाय बताए गए हैं। इनमें कई मंत्रों का भी प्रयोग बताया गया है। आपकी सुविधा के लिए गणेशजी के कुछ मंत्र यहां दिए जा रहे हैं। आप इनमें से किसी भी एक मंत्र का उस दिन 11 माला (1100) जप करें। इससे आपके सभी कष्ट दूर हो जाएंगे।

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  • ॐ गं गणपतये नम:
  • ॐ एकदंताय विद्महे, वक्रतुण्डाय धीमहि, तन्नो दंती प्रचोदयात्
  • ॐ नमो हेरम्ब मद मोहित मम् संकट निवारय-निवारय स्वाहा
  • ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ग्लौं गं गणपतये वर वरद सर्वजनं मे वशमानाय स्वाहा
  • ॐ श्रीं गं सौभाग्य गणपतये। वर वरद् सर्वजन्म मे वशमानाय नम:

ऐसे करें गणेशजी के मंत्र का प्रयोग

सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठ कर स्नान कर गणेशजी के मंदिर में जाएं। वहां पर गणपति की पूजा करें तथा उनका अभिषेक करें। उन्हें नए वस्त्र, फल, तिल की मिठाई, गुड़, आदि समर्पित करें। उनकी आरती करें। इसके बाद ऊपर दिए गए मंत्रों में से गणेशजी के किसी भी एक मंत्र को चुन कर उसका 11 माला जप करें।

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विषय के एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें।

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