Pitru Paksha 2023: हिंदू पंचांग के अनुसार, पितृ पक्ष की नवमी तिथि आज हैं। पितृ पक्ष में पितरों को प्रसन्न करने के लिए तर्पण और पूजा-अर्चना की जाती है। गरुड़ पुराण के अनुसार, पितृपक्ष में पितरों को तर्पण, पिंडदान और पूजा-अर्चना करने से सुख-समृद्धि, आय और सौभाग्य में वृद्धि होती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, आज पितृपक्ष के नवमी तिथि पर 5 दुर्लभ योग के साथ शिव योग बन रहे हैं। ऐसी मान्यता है कि शिव योग के दौरान पितरों को तर्पण करने से पितृ देव प्रसन्न होते हैं। साथ ही उनके आशीर्वाद से जीवन में दुख और संकट सभी दूर हो जाते हैं। तो आइए शिव योग समेत 5 दुर्लभ योग के बारे में जानते हैं।
शिव योग
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, आज पितृ पक्ष की नवमी तिथि पर शिव योग का निर्माण हो रहा है। ज्योतिषियों के अनुसार, आज शिव योग पुरे दिन रहने वाला है। आज जो जातक शिव की विधि-विधान से पूजा करेंगे, उनको अमोघ फल की प्राप्ति हो सकती है। इसके साथ ही पितृ दोष से मुक्ति भी मिल सकती है। आज दुर्लभ शिव योग का निर्माण प्रातकाल 6 बजकर 3 मिनट से हो रहा है।
सिद्ध योग
पंचांग के अनुसार, पितृ पक्ष की नवमी तिथि पर सिद्ध योग का निर्माण हो रहा है। सिद्ध योग अगले दिन 9 अक्टूबर तक हैं। ज्योतिषियों के अनुसार, सिद्धि योग में भगवान शिव की पूजा करने से कार्य में सिद्धि मिलती है। इसके साथ ही कार्य पूर्ण भी होता है।
करण योग
पितृ पक्ष की नवमी तिथि पर तैतिल करण योग का निर्माण हो रहा है। करण योग के बाद गर करण रात्रि भी रहने वाला है। इसके बाद सुबह में कौलव करण शुभ योग और कौलव, तैतिल व गर करण शुभ योग हैं। ये सभी योग शुभ कार्य करने के लिए श्रेष्ठ माना गया है।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विषय के एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें।