Sunil Sharma
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Mohini Ekadashi: वैदिक परंपरा में एकादशी तिथि भगवान विष्णु को समर्पित की गई है। पौराणिक व धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यदि इस दिन श्रीहरि की मां लक्ष्मी सहित विधिवत पूजा-अर्चना की जाए तो व्यक्ति के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और उसे संसार के समस्त ऐश्वर्य और भोग प्राप्त होते हैं। ऐसा व्यक्ति मृत्यु के बाद मोक्ष को भी प्राप्त कर लेता है।
हिंदू धर्म में कुल 24 एकादशियां आती हैं जिनमें 12 शुक्ल पक्ष में तथा 12 कृष्ण पक्ष में आती हैं। इन सभी को अलग-अलग महीनों के नाम से अलग-अलग नाम दिया गया है। बैसाख शुक्ल पक्ष के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मोहिनी एकादशी कहा जाता है। माना जाता है कि इस दिन भगवान विष्णु ने जगत के कल्याण एवं अमृत को राक्षसों से बचाने के लिए मोहिनी स्वरूप धारण किया था। इसीलिए इसे मोहिनी एकादशी कहा जाता है।
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पंचांग की गणना के अनुसार बैसाख माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी 30 अप्रैल 2023 को रात्रि 8.28 बजे आरंभ होगी। इसका समापन अगले दिन एक मई 2023 को रात्रि 10.09 बजे होगा। जबकि पारण का समय 2 मई 2023 को सुबह 5.40 बजे से 8.19 बजे तक रहेगा।
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इस दिन सुबह जल्दी उठ कर स्नान आदि से निवृत्त होकर साफ, धुले हुए वस्त्र धारण करें। सर्वप्रथम घर के पूजा स्थल या किसी विष्णु मंदिर में जाकर मां लक्ष्मी सहित श्रीहरि की पूजा करें। उन्हें पीले पुष्प, पीली मिठाई, पीले वस्त्र, फल, तुलसी, धूप, दीपक, चंदन तिलक आदि अर्पित करें। यदि संभव हो तो पूरे दिन एकादशी का व्रत रखें तथा अन्न के बजाय केवल फलाहार ग्रहण करें। इस प्रकार व्रत करने से आपकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होंगी।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विषय के एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें।
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