Karwa Chauth Moon Rise Time: आज करवा चौथ का व्रत है। ज्योतिषीय गणना के मुताबिक, आज का करवा चौथ काफी स्पेशल है, क्योंकि आज के दिन 100 साल बाद दुर्लभ संयोग बनने जा रहा है। दरअसल करवा चौथ पर बुधादित्य योग, आदित्य योग, शिव योग और सर्वार्थसिद्धि योग का दुर्लभ संयोग बनने जा रहा है। महिलाएं दिनभर भूखी-प्यासी रहेंगी और दिल ढलते ही उन्हें चांद निकलने का इंतजार रहेगा, क्योंकि यह व्रत तभी पूरा होता है, जब रात को चंद्रमा दिखाई देता है। इसलिए जानिए देश के विभिन्न शहरों में चंद्रोदय का समय क्या रहेगा, ताकि महिलाएं पहले से पूजन की तैयारी करके रखें और चांद देखकर पति की लंबी उम्र की कामना करके व्रत खोल पाएं…
सिटी वाइज यह रहेगा चंद्रोदय का समय?
- नई दिल्ली- रात 8:15 बजे
- नोएडा- रात 8:14 बजे
- गुरुग्राम – रात 8:16 बजे
- अहमदाबाद – रात 8:50 बजे
- जयपुर- रात 8:26 बजे
- बैंगलुरु – रात 8:54 बजे
- मुंबई- रात 8:59 बजे
- पुणे – रात 8:56 बजे
- चंडीगढ़ – रात 8:10 बजे
- चेन्नई – रात 8:43 बजे
- हैदराबाद – रात 8:40 बजे
- कोलकाता- शाम 7:46 बजे
करवा चौथ 2023 का शुभ मुहूर्त कब ?
- नई दिल्ली- शाम 5:36 बजे से शाम 6:54 बजे तक
- नोएडा – शाम 5:36 बजे से शाम 6:53 बजे तक
- कोलकाता- शाम 4:59 बजे से शाम 6:15 बजे तक
- बैंगलुरु – शाम 5:53 बजे से शाम 7:07 बजे तक
- मुंबई – शाम 6:05 बजे से शाम 7:21 बजे तक
- गुरुग्राम- शाम 5:37 बजे से शाम 6:55 बजे तक
- चंडीगढ़ – शाम 5:35 से 6:54 बजे तक
- अहमदाबाद- शाम 6:02 बजे से शाम 7:18 बजे तक
- जयपुर- शाम 5:44 बजे से शाम 7:02 बजे तक
करवा चौथ की पूजन सामग्री
करवा- करवा चौथ व्रत में पूजन सामग्री के तौर पर करवा का खास महत्व है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, करवा उस नदी का प्रतीक है, जिसमें मां करवा के पति के पैरों को मगरमच्छ ने पकड़ लिया था। ऐसे में करवा चौथ की पूजा में करवा को जरूर शामिल करें।
सींक- करवा चौथ व्रत कथा के दौरान या पूजा के समय सुहागिन महिलाएं अपने पास सींक जरूर रखती हैं। करवा चौथ की पूजा में सींक का पूजन समाग्री के तौर पर विशेष महत्व है। सींक मां करवा की उस शक्ति का प्रतीक है, जिसके बल पर उन्होंने यमराज के सहयोगी भगवान चित्रगुप्त के खाते के पन्ने को उड़ा दिया था।
करवा माता की तस्वीर- करवा चौथ व्रत में करवा माता की तस्वीर या मूर्ति का खास महत्व है। करवा माता की तस्वीर चंद्रमा और सूरज की उपस्थिति और उनके महत्व को दर्शाती है। ऐसे में सुहागिन महिलाओं को करवा चौथ की पूजा में करवा माता की तस्वीर को जरूर शामिल करना चाहिए।
दीपक- सनातन धर्म में दीपक के बिना कोई भी पूजा संपूर्ण नहीं मानी जाती। ऐसे में करवा चौथ के दिन सुहागिन महिलाओं को पूजन के दौरान दीपक जरूर जलाना चाहिए। इससे पहले पूजन सामग्री के तौर पर इसे जरूर शामिल करना चाहिए।
छलनी- करवा चौथ व्रत में छलनी का भी विशेष महत्व है। करवा चौथ के दिन सुहागिन महिलाएं छलनी से चंद्रमा और पति देव के दर्शन करती हैं। ऐसे में करवा चौथ पर व्रत रखने वाली सभी सुहागिन महिलाओं को पूजन सामग्री में छलनी को जरूर शामिल करना चाहिए।
लोटा- करवा चौथ व्रत के दिन चंद्र देव को अर्घ्य देने के लिए लोटे का प्रयोग किया जाता है। इसके साथ ही पूजन के दौरान इसमें जल भरकर रखा जाता है। इस दिन जल के माध्यम से चंद्र देव को भाव अर्पित किए जाते हैं। ऐसे में प्रत्येक व्रती महिला पूजन सामग्री में लोटा को जरूर शामिल करे।
थाली- करवा चौथ पर थाली, पूजा की सामग्री, दीपक, फल और जल से भरा लोटा रखने के लिए जरूरी होती है। सुहागिन महिलाएं इसी में दीपक रखकर मां करवा की आरती उतारती हैं। साथ ही सच्चे मन से माता से आशीर्वाद मांगती हैं।
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