Kaalchakra: कष्ट दूर करने के लिए 9 ग्रहों के क्या उपाय? जानें पंडित सुरेश पांडेय से

Kaalchakra News24 Today: जन्म कुंडली में प्रत्येक ग्रह का अपना महत्व है, जिसका असर समय-समय पर हर एक व्यक्ति के जीवन पर पड़ता है। चलिए पंडित सुरेश पांडेय से जानते हैं 9 ग्रह कौन-कौन से हैं और उन्हें कैसे प्रसन्न किया जा सकता है।

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जानें नवग्रह शांति उपाय...

Kaalchakra News24 Today, Pandit Suresh Pandey: ज्योतिष शास्त्र में 12 राशियों, 9 ग्रहों और 27 नक्षत्रों का उल्लेख किया गया है। सूर्य, शुक्र, बुध, गुरु, चन्द्र, मंगल, शनि, राहु और केतु 9 ग्रहों की मजबूत स्थिति के कारण व्यक्ति को जीवन में सुख फल की प्राप्ति होती है। प्रत्येक ग्रह की अपनी विशेषता है, जो उसके अनुसार साधक को फल प्रदान करता है। जिन लोगों के ऊपर 9 ग्रहों की कृपा रहती है, उन्हें जीवन में ऊंचा मुकाम हासिल होता है। न तो उन्हें पैसों की कमी का सामना करना पड़ता है और न ही सेहत से जुड़ी समस्याएं होती हैं। वहीं इन ग्रहों के कमजोर होने पर साधक के जीवन में समय-समय पर परेशानियां आने लगती हैं। ऐसे में कुछ अचूक उपायों को करके प्रत्येक ग्रह को प्रसन्न किया जाता है। आज के कालचक्र में पंडित सुरेश पांडेय प्रत्येक ग्रह के उन उपायों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें 12 राशियों के जातक कर सकते हैं।

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गुरु ग्रह

नवग्रहों में गुरु बृहस्पति का विशेष स्थान है, क्योंकि इसे सबसे प्रभावशाली ग्रह माना जाता है। इस ग्रह के आराध्य स्वयं ब्रह्म देव, भगवान विष्णु और इंद्र देवता हैं। इसलिए गुरु के मजबूत होने से साधक को सबसे ज्यादा लाभ होता है। कुंडली में गुरु की मजबूत स्थिति के लिए समय-समय पर पीपल की लकड़ी से हवन कराना चाहिए। वहीं जो लोग नमक, हल्दी, चीनी और शहद का दान करते हैं, उनके ऊपर भी गुरु ग्रह अपनी कृपा बनाकर रखते हैं।

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सूर्य ग्रह

सूर्य देव को जन्म का कारक ग्रह माना जाता है, जिसके मजबूत होने के कारण व्यक्ति का आत्मविश्वास बढ़ता है। साथ ही उसे यश की प्राप्ति होती है। सूर्य देव को प्रसन्न करने के लिए नियमित रूप से गायत्री मंत्र का जाप करना चाहिए। इसके अलावा पंचमुखी रुद्राक्ष धारण करना भी लाभदायक होता है। वहीं जो लोग तांबे के लोटे में जल और चंदन को डालकर सूर्य को अर्घ्य देते हैं, उनकी कुंडली में भी सूर्य मजबूत रहता है।

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बुध ग्रह

भगवान गणेश और माता दुर्गा को बुध देव का आराध्य माना जाता है। जो साधक को सफलता प्रदान करता है। बुध देव को प्रसन्न करने के लिए विष्णु सहस्त्रनाम और दुर्गा सप्तशती का पाठ करना चाहिए। इसके अलावा गणेश रुद्राक्ष धारण करने से भी शुभ फल की प्राप्ति होती है।

मंगल ग्रह

वैदिक ज्योतिष शास्त्र में मंगल देव को युद्ध और हथियारों का कारक ग्रह माना गया है, जिसके प्रबल होने से साधक को हर कार्य में सफलता मिलती है। इस ग्रह को मजबूत करने के लिए मंगलवार का व्रत रखना शुभ होता है। इसी के साथ देवी चामुंडा, माता प्रत्यंगिरा और मां पीतांबरा की विधिपूर्वक पूजा करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है।

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यदि आप शुक्र, चन्द्र, शनि, राहु और केतु ग्रहों को मजबूत करने के उपायों के बारे में भी जानना चाहते हैं, तो इसके लिए ये वीडियो जरूर देखें।

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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