Hastrekha Secrets: हस्तरेखा शास्त्र को प्राचीन समय से जीवन के संकेत पढ़ने की विद्या माना जाता है. हथेली की रेखाएं व्यक्ति के स्वभाव, करियर और आर्थिक स्थिति की ओर इशारा करती हैं. इन्हीं में एक खास संकेत है धन की कोठरी, जिसे मनी ट्रायएंगल भी कहा जाता है. आइए जानते हैं, यह हथेली पर कहां होती है और जीवन पर इसका क्या असर होता है?
क्या होती है धन की कोठरी?
धन की कोठरी हथेली पर बनने वाला एक त्रिकोण होता है. यह भाग्य रेखा, मस्तिष्क रेखा और बुध रेखा के मेल से बनता है. जब ये तीनों रेखाएं साफ रूप से जुड़कर त्रिकोण बनाएं, तो इसे धन का संकेत माना जाता है. इसे मनी ट्रायएंगल भी कहते हैं.
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क्यों जरूरी है इसका बंद होना?
सिर्फ त्रिकोण बनना ही काफी नहीं माना जाता. यह तीनों ओर से बंद होना चाहिए. यदि किसी कोने से खुला हो, तो धन आता तो है, पर टिकता नहीं. ऐसे लोगों के खर्च अचानक बढ़ते देखे जाते हैं.
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कट और क्रॉस का असर
यदि धन की कोठरी के अंदर कट, टूटन या क्रॉस बन रहा हो, तो यह आर्थिक रुकावट का संकेत माना जाता है. ऐसे निशान धन हानि, गलत निवेश या भरोसे में नुकसान की ओर इशारा करते हैं.
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अपनी हथेली कैसे देखें?
हथेली को सीधा रखकर अच्छी रोशनी में देखें. पहले भाग्य रेखा पहचानें, जो कलाई से ऊपर जाती है. फिर मस्तिष्क रेखा देखें, जो हथेली के बीच से गुजरती है. छोटी उंगली के नीचे बुध रेखा पर ध्यान दें.
मनी ट्रायएंगल न हो तो क्या करें?
यदि हथेली में साफ धन की कोठरी न दिखे, तो निराश होने की जरूरत नहीं. हस्तरेखा में अन्य धन संकेत भी बताए गए हैं. जैसे सूर्य रेखा का मजबूत होना या शुक्र पर्वत का उभरा होना.
ऐसे टिकता है हाथ में धन
हस्तरेखा में धन की कोठरी के संकेत भर देती है. क्योंकि, धन को टिकाने के लिए अनुशासन जरूरी होता है. बचत की आदत, सही सलाह और सोच समझकर खर्च भी उतने ही अहम माने जाते हैं.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.