Guru Vakri 2025: ज्योतिष शास्त्र में गुरु ग्रह का खास महत्व है, जिसे देवगुरु बृहस्पति और बृहस्पति के नाम से भी जाना जाता है। शास्त्रों में गुरु ग्रह को ज्ञान और भाग्य का कारक ग्रह माना गया है, जो समय-समय पर गोचर करते हैं। राशि और नक्षत्र परिवर्तन करने के साथ-साथ गुरु देव उल्टी चाल यानी वक्री अवस्था में भी चलते हैं।
12 राशियों के ऊपर जितना गहरा प्रभाव गुरु के गोचर का पड़ता है, उतना ही असर वक्री का भी देश-दुनिया पर देखने को मिलता है। इस बार गुरु की वक्री से कई राशियों के जातकों की परेशानियां बढ़ने वाली हैं। हालांकि नियमित रूप से कुछ उपाय करके गुरु वक्री के अशुभ प्रभाव से बचा जा सकता है। चलिए जानते हैं साल 2025 में कब से कब तक गुरु वक्री अवस्था में रहेंगे।
किस समय गुरु होंगे वक्री?
वैदिक पंचांग की गणना के अनुसार, 11 नवंबर 2025 को देर रात 10:11 मिनट पर गुरु वक्री होंगे, जो 11 मार्च 2026, दिन बुधवार को सुबह 8 बजकर 58 मिनट तक इसी अवस्था में रहेंगे। बता दें कि वर्ष 2025 की शुरुआत में गुरु वृषभ राशि में वक्री रहेंगे, जो 4 फरवरी को वृषभ राशि में मार्गी होंगे। 15 मई 2025 को गुरु मिथुन राशि में गोचर करेंगे।
ये भी पढ़ें- Numerology: इन जन्मतिथि वालों की होती है लव मैरिज! जानें क्या कहता है अंक शास्त्र