गुरु यानी देवगुरु बृहस्पति ग्रह को शास्त्रों में धन, ज्ञान, विवाह, संतान, शिक्षा, धर्म और करियर आदि का दाता माना गया है। एक तय समय के बाद गुरु देव राशि परिवर्तन, नक्षत्र गोचर, अस्त और उदय अवस्था में जाते हैं। जब भी गुरु की चाल में बदलाव होता है तो उसका प्रभाव सभी राशियों के जीवन पर देखने को मिलता है। वैदिक पंचांग की गणना के अनुसार, इस बार 9 जुलाई 2025 को सुबह 4 बजकर 44 मिनट पर गुरु उदय होंगे, जो 12 जून 2025 को शाम 7 बजकर 56 मिनट पर अस्त अवस्था में जाएंगे। आइए जानते हैं इस साल जुलाई माह में गुरु के उदय अवस्था में जाने से किन-किन राशियों के जातकों की परेशानियां पहले से बहुत ज्यादा बढ़ सकती हैं।
गुरु उदय का राशियों पर नकारात्मक प्रभाव
मिथुन राशि
जिन लोगों की राशि मिथुन है, उनके लिए आने वाला समय अच्छा नहीं रहेगा। जन्म कुंडली में गुरु के सही स्थान पर विराजमान न होने के कारण मन गलत चीजों की तरफ आकर्षित हो सकता है। परिवार में क्लेश का वातावरण रहेगा। हाल ही में जिन लोगों का रिश्ता तय हुआ है, शादी होने से पहले उनका रिश्ता टूट सकता है। इसके अलावा त्वचा संबंधी कोई गंभीर बीमारी होने की संभावना भी ज्यादा है।
कन्या राशि
गुरु उदय के कारण कन्या राशि के जातकों का जीवन प्रभावित होगा। बदलते मौसम में त्वचा संबंधी कोई समस्या हो सकती है। माता-पिता का संतान से झगड़ा होगा। गुस्से में बच्चा घर छोड़ने का फैसला भी कर सकता है। कारोबारियों को कारोबार में घाटे का सामना करना पड़ेगा। जो लोग नौकरी कर रहे हैं, उन्हें कुछ दिनों तक पैसों की कमी रहेगी। इसके अलावा काम से मन भटक सकता है।
कुंभ राशि
गुरु के उदय होने से कुंभ राशि के जातकों के जीवन में तनाव बढ़ेगा। यदि कहीं रिश्ते की बात चल रही है, तो इस समय शादी तय करना ठीक नहीं रहेगा। जो लोग नौकरी कर रहे हैं, उनके साथ कोई बड़ी दुर्घटना घट सकती है। एक्सीडेंट होने की संभावना है। इसके अलावा आने वाले दिनों में पैसों की कमी भी रहेगी। छात्र वर्ग यदि मन लगाकर पढ़ाई नहीं करेंगे, तो उन्हें एग्जाम में सफलता नहीं मिलेगी।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।