Gemstone Benefits: रत्न शास्त्र में नीलम रत्न धारण करना बेहद शुभ और लाभकारी बताया गया है. नीलम रत्न को सबसे तेजी से असर दिखाने वाला रत्न मानते हैं. नीलन धारण करना बेहद शुभ होता है, लेकिन कई रत्नों के साथ इसे पहनना मुश्किलें बढ़ा सकता है. रत्नों का संबंध ग्रहों से होता है ऐसे में अगर दो अलग-अलग प्रभाव वाले रत्न साथ में धारण करते हैं, तो इससे शुभ की बजाय अशुभ परिणाम मिलते हैं.
नीलम धारण करने के लाभ
नीलम रत्न का संबंध शनि ग्रह से माना जाता है. यह शनि से संबंधित होता है. नीलम धारण करने से मेहनत का फल मिलता है. नीलम धारण करने के शुभ परिणाम से नौकरी और व्यापार में सफलता मिलती है. नीलम रत्न को धारण करने के लिए कई नियमों का ध्यान रखना चाहिए. नीलम रत्न को किस दिन और कैसे धारण करना चाहिए. और इसे किन लोगों को धारण करना चाहिए. चलिए इसके बारे में जानते हैं.
कैसे धारण करें नीलम रत्न?
नीलम रत्न मकर और कुंभ राशि के लोगों के लिए शुभ माना जाता है. इन लोगों को किसी कुंडली विशेषज्ञ से सलाह लेकर ही नीलम रत्न धारण करना चाहिए. आप नीलम रत्न को शनिवार के दिन गंगाजल या कच्चे दूध से शुद्ध करके पहन सकते हैं. रत्न धारण करने के दौरान “ॐ शं शनैश्चराय नमः” मंत्र का 108 बार जाप करें. नीलम रत्न दाहिने हाथ की मध्यमा यानी बीच वाली उंगली में धारण करना चाहिए.
इन चार रत्नों के साथ न करें धारण
नीलम रत्न धारण करना बेहद शुभ होता है. इससे अच्छे परिमाण मिलते हैं. लेकिन कई रत्नों के साथ इसका मेल खतरनाक साबित हो सकता है. नीलम रत्न को माणिक्य, मोती, मूंगा और पुखराज के साथ नहीं पहनना चाहिए. माणिक्य सूर्य का रत्न है और नीलम शनि का रत्न है. इन दोनों की आपस में बनती नहीं है. ऐसे में तनाव बढ़ सकता है. मोती को चंद्रमा का रत्न मानते हैं. इसे नीलम के साथ धारण करने से बचें. मूंगा रत्न मंगल का रत्न होता है. इसे नीलम के साथ न पहनें. पुखराज के साथ नीलम धारण करने से बचना चाहिए. रत्नों का खराब कॉम्बिनेशन जीवन में उथल-पुथल मचा सकता है.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.