Panchak 2025: फरवरी में इस डेट से लगेगा दोषरहित पंचक, जानिए कब तक रहेगा यह अशुभ समय और सावधानियां!

Panchak 2025: फरवरी माह में अशुभ पंचक का साया मंडरा रहा है, जिसे हिंदू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण और अशुभ माना जाता है। इस दौरान कुछ विशेष कार्यों को करने से बचने की सलाह दी जाती है। आइए जानते हैं कि फरवरी में पंचक कब से शुरू हो रहा है, इसकी समाप्ति कब होगी, और इस अवधि में किन सावधानियों को अपनाना जरूरी है?

February-Panchak
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Panchak 2025: वैदिक पंचांग के अनुसार, फरवरी माह पर अशुभ पंचक का साया मंडरा रहा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, पंचक तब शुरू होती है जब चंद्रमा धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्व भाद्रपद, उत्तर भाद्रपद और रेवती नक्षत्र में प्रवेश करता है। यह अवधि लगभग 5 दिनों की होती है और इस दौरान कई महत्वपूर्ण कार्यों को करने से बचने की सलाह दी जाती है। आइए जानते हैं, फरवरी माह में किस डेट से पंचक लग रहा है, कब समाप्त होगा इसका अशुभ समय और इस दौरान क्या सावधनियां रखनी बेहद जरूरी हैं?

फरवरी में कब से कब तक है पंचक?

पंचांग के अनुसार, पंचक 5 दिनों की एक खास अवधि है, जो हिंदू धर्म में बेहद अशुभ मानी गई है? फरवरी 2025 के महीने में इसकी शुरुआत बृहस्पतिवार 27 फरवरी, 2025 को सुबह में 04:37 AM बजे से होगी और इसका समापन सोमवार 3 मार्च, 2025 को सुबह में 06:39 AM बजे होगा। बता दें कि पंचक को ही आम लोग आम भाषा में ‘पचका’ लगना कहते हैं। चूंकि यह पंचक बृहस्पतिवार को लग रहा है, इसलिए इसे ‘दोषरहित पंचक’ कहते है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि यह अशुभ नहीं है।

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पंचक में भूल से भी न करें काम

पंचक के दौरान कुछ विशेष कार्य करने से बचने की सलाह दी जाती है क्योंकि इसे अशुभ माना जाता है।

  • घर, मकान या अन्य निर्माण कार्य नहीं करना चाहिए। इससे आर्थिक हानि और विवाद हो सकते हैं।
  • लकड़ी से जुड़ा कोई काम न करें, विशेष रूप से लकड़ी से बनी चीज़ों को काटने, जलाने या खरीदने से बचें।
  • पंचक में मृत्यु होने पर यह माना जाता है कि यदि अंतिम संस्कार के उपाय न किए गए तो परिवार या समाज में और मौतें हो सकती हैं।
  • पंचक में दक्षिण दिशा की यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है। दक्षिण दिशा को यम की दिशा माना जाता है, और पंचक के दौरान इस दिशा की यात्रा करना अशुभ होता है।
  • इस दौरान नए कार्य या शुभ कार्य न करें, जैसे विवाह, गृह प्रवेश, नामकरण, नया व्यवसाय शुरू करने जैसे कार्य टालने चाहिए।

पंचक में क्या उपाय करने चाहिए?

  • पंचक में मृत्यु होने पर ‘घास का पुतला’ बनाकर शव के साथ अंतिम संस्कार करने का विधान गरुड़ पुराण में मिलता है।
  • यदि यात्रा आवश्यक हो तो हनुमान जी और भगवान शिव की पूजा करने के बाद घर से निकलना चाहिए।
  • लकड़ी से जुड़ा कार्य यदि अत्यावश्यक हो तो इसे करने से पहले विशेष पूजा-अर्चना करें।
  • दान-पुण्य और मंत्र जाप करने से पंचक दोष का प्रभाव कम हो सकता है।

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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लेखक के बारे में

Shyamnandan

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श्यामनंदन कुमार News24.com में चीफ सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामनंदन ज्योतिष, अंक शास्त्र, सामुद्रिक शास्त्र, पर्व-त्योहार सहित भारतीय धर्म-संस्कृति के जानकार पत्रकार हैं. उन्होंने पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से की है और ज्योतिष का अध्ययन भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से किया है. अपने पेशे में डिजिटल करियर की शुरुआत उन्होंने एनडीटीवी कन्वर्जेंन्स के साथ की. श्यामनंदन हिंदुस्तान टाइम्स, बंसल न्यूज (भोपाल) जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स के साथ भी जुड़े रहे हैं. उन्होंने देश के प्रसिद्ध संतों के सत्संग और समागम की रिपोर्टिंग की है.
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