Deepak Vastu Tips: धार्मिक मान्यताओं में विश्वास रखने वाले लोग आमतौर पर पूजा-पाठ के दौरान दीपक जरूर जलाते हैं। पूजन के दौरान दीपक जलाना के खास धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व है। मान्यता है कि पूजा-पाठ के दौरान दीपक जलाने से देवी-देवता प्रसन्न होते हैं। इसके साथ ही घर की नकारात्मक ऊर्जा नष्ट हो जाती हैं। पूजा-पाठ के दौरान दीपक जलाने के खास नियम बताए गए हैं। ऐसे में सही विधि से दीपक जलाने से उसका लाभ मिलता है। जबकि गलत विधि से दीपक जलाने से देवी-देवता नाराज हो जाते हैं, जिसके परिणामस्वरूप जीवन में एक के बाद एक परेशानियां लगी रहती हैं। ऐसे में आज हम आपको ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बताते हैं कि पूजा-पाठ के दौरान दीपक जलाने की सही विधि और नियम क्या-क्या हैं।
निर्बाध जले दीपक
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, पूजन के दौरान दीपक का बुझना अशुभ संकेत देता है। दीपक का पूजन के बीच में बुझना इस बात का संकेत देता है कि देवता आपकी पूजा को स्वीकार नहीं कर रहे हैं। ऐसे में इस बात का विशेष ख्याल रखें कि दीपक में पर्याप्त घी या तेल रहे। इसके अलावा दीपक की बाती का भी खास ख्याल रखना चाहिए। ताकि पूजन के दौरान दीपक बुझने ना पाए।
मां दुर्गा के समक्ष जलाएं घी का दीपक
धार्मिक मान्यता के अनुसार, आर्थिक संकटों को दूर करने के लिए मां दुर्गा के समक्ष घी का दीपक जलना शुभ होता है। माना जाता है कि इससे घर की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होती है। ऐसे में अगर आप भी नियमित रूप से मां दुर्गा की पूजा करते हैं तो इस बात को नजरअंदाज ना करें।
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मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए ऐसे जलाएं दीपक
वैसे तो शास्त्रों में मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए कई उपाय बताए गए हैं, लेकिन उन सब में घर के मुख्य द्वार पर दीपक जलना बेहद खास है। मान्यता है कि जो कोई शाम के समय घर के मुख्य द्वार पर दीया जलाते हैं, उनके जीवन में पैसों की तंगी नहीं रहती। इसके साथ ही ऐसे घर में मां लक्ष्मी का वास होता है।
हनुमान जी को प्रिय है ऐसा दीपक
हनुमान जी की विशेष कृपा पाने के लिए उनके सामने चमेली के तेल का दीपक जलाना बेहतर है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, हनुमानजी की मंदिर में या उनके सामने चमेली के तेल का दीपक जलाने से वे प्रसन्न होकर हर मनेकामना पूरी कर देते हैं। इसके अलावा ऐसा करने से घर की नकारात्मक ऊर्जा खत्म हो जाती है।
शनि देव की कृपा पाने के लिए ऐसे जलाएं दीपक
धार्मिक मान्यता के मुताबिक, शनि देव की कृपा पाने के लिए उनके समक्ष सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या का असर कम होता है। ऐसे में विशेष रूप से शनिवार के दिन इस बात का ध्यान रखें।
इस दीपक से राहु-केतु का दोष होगा दूर
राहु-केतु के दुष्प्रभाव से बचने के लिए अलसी के तेल का दीपक जलाना चाहिए। ज्योतिष के जानकार बताते हैं कि ऐसा करने से कुंडली से राहु-केतु का दोष खत्म हो जाता है। साथ ही जीवन की तमाम परेशानियां दूर हो जाती हैं।
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घर या मंदिर में इस दिशा में जलाएं दीपक
धार्मिक मान्यता के मुताबिक, अगर कोई मंदिर या चौखट पर दीया जला रहा है तो उसे हमेशा इसे अपनी बाईं ओर रखना चाहिए। वास्तु शास्त्र के अनुसार भी ऐसा करना शुभ है।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विषय के एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें।
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