Bhishma Ashtami 2024 Date And Shubh Muhurat: हिंदू पंचांग के अनुसार, माघ माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को भीष्म अष्टमी कहते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन को भीष्म पितामह तर्पण दिवस के रुप में भी जानते हैं। भीष्माष्टमी के दिन जो लोग व्रत रखते हैं, उन्हे सुयोग्य संतान की प्राप्ति होती है। भीष्माष्टमी पर्व इस साल कब है, क्या है शुभ तिथि और इसका महत्व क्या है। आइए इन सभी के बारे में विस्तार से जानते हैं।
कब है भीष्माष्टमी का पर्व
दृक पंचांग के अनुसार, साल 2024 में भीष्माष्टमी का पर्व 16 फरवरी दिन शुक्रवार को है। अष्टमी तिथि की शुरुआत 16 फरवरी दिन शुक्रवार को सुबह 8 बजकर 54 मिनट पर हो रही है वहीं समाप्ति 17 फरवरी दिन शनिवार को सुबह 8 बजकर 15 मिनट पर होगी।
भीष्माष्टमी पर्व का महत्व
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, माघ शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को भीष्म पितामह की पुण्यतिथि पर भीष्माष्टमी पर्व मनाया जाता है। मान्यता है कि इस दिन भीष्म पितामह ने ब्रह्मचर्य जीवन जीने की प्रतिज्ञा लिए थे। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जो जातक भीष्माष्टमी के दिन व्रत रखते हैं उन्हें संतान की प्राप्ति होती है। माना जाता है कि इस दिन नि: संतान महिलाएं खासकर व्रत रखती हैं। व्रत रखने से गुणवान और बुद्धिमान संतान की प्राप्ति होती है। साथ ही जीवन की सारी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है।News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विषय के एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें।