हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: Gyanesh KumarsirBigg Boss 20

कौन होते हैं अघोरी, श्मशान में किस तरह करते हैं साधना? जानें इनका स्वभाव और रहस्य

Aghori: आज अघोरी के बारे में विस्तार से जानेंगे कि अघोरी कौन होते हैं, किस तरह श्मशान में साधना करते हैं। इसके साथ ही इनका स्वभाव कैसा होता है।

विज्ञापन
Aghori

Aghori: अघोरी! नाम सुनते ही सभी के मन में एक ऐसी तस्वीर सामने आती है, जिससे सोच कर ही डर लग जाता है। लोग अघोरी का मतलब समझते हैं जिसके लंबे-लंबे बाल, जटाएं और शरीर में राख लिपटा होता है। जो गले में मुंड की माला धारण करते हो। कई लोग तो अघोरी नाम सुनकर ही भयभीत हो जाते हैं। लोग अघोरी के बारे में मन में ऐसी धारणा रखते हैं कि जिसे सोचकर डर लगने लगता है। वास्तव में अघोरी नाम का अर्थ एक सरल व्यक्ति है, जो किसी के साथ भेदभाव नहीं करता है। अघोरी अक्सर श्मशान के सन्नाटे में जाकर तंत्र-मंत्र की सिद्धियां करते रहते हैं। तो आइए इस खबर में अघोरी के बारे में विस्तार से जानते हैं।

अघोरी का परिचय

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अघोरी भगवान शिव के अघोर पंथ का प्रणेता माना गया है। ऐसी मान्यता है कि भगवान शिव ने ही अघोर पंथ की शुरुआत की थी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अघोर शास्त्र के गुरु भगवान दत्तात्रेय को माना जाता है। कहते हैं कि अघोरी में भगवान विष्णु, ब्रह्मा और शिव तीनों का अंश होता है।

यह भी पढ़ें- महिलाएं 4 कामों में पुरुषों से हमेशा रहती हैं आगे, जानें क्या कहती है चाणक्य नीति

विज्ञापन

अघोरी कब और कैसे करते हैं साधना

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अघोरी श्मशान घाट में 3 तरह से साधना करते हुए पाए जाते हैं। पहली साधना को श्मशान साधना कहते है, दूसरी को शिव साधना और तीसरी को शव साधना करते हैं। अघोरी मुख्य रूप से अपनी साधनाएं कामाख्या पीठ के श्मशान, तारापीठ के श्मशान, त्रंबकेश्वर और उज्जैन के चक्रतीर्थ के श्मशान में करते हैं। कहा जाता है कि अघोरी साधना करते समय शव के ऊपर पैर रखते हैं, जिसे शिव साधना कहते हैं। वहीं साधना करते समय मांस और मदिरा प्रसाद के रूप में चढ़ाई जाती है। श्मशान साधना में अघोरी मुर्दे स्थान पर शव-पीठ की पूजा करते हैं और प्रसाद के रूप में मांस-मदिरा अर्पित करते हैं।

अघोरी का स्वभाव

कहा जाता है कि अघोरी का स्वभाव बड़ा ही रूखा होता है, लेकिन मान्यता है कि अघोरी जन कल्याण की भावना के लिए हमेशा साधना करते हैं। कहा जाता है कि जब अघोरी प्रसन्न हो जाते हैं, तो बड़े ही शुभ फल देते हैं। यह जिस जातक पर प्रसन्न हो जाते हैं, उन्हें अपनी तांत्रिक क्रियाओं की शक्ति से उसकी सारी मनोकामना पूर्ण कर देते हैं।

विज्ञापन

यह भी पढ़ें- सूर्य ग्रहण बदलकर रख देखा 5 राशि वालों का सबकुछ, 14 अक्टूबर से शुरू हो जाएंगे अच्छे दिन

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विषय के एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें।

विज्ञापन

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola