हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CJP ProtestGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

Aaj Ka Panchang: वैशाख कृष्ण नवमी पर जानिए आज 22 अप्रैल के पंचांग का शुभ योग और राहु काल

Aaj Ka Panchang: आज 22 अप्रैल, 2025 को वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि है। आइए जानते हैं, 22 अप्रैल का पंचांग क्या है, कौन-सा समय आपके लिए शुभ सिद्ध होने वाला है, किस दिशा में यात्रा करना अशुभ है और आज का राहु काल कब से कब तक है?

विज्ञापन

Aaj Ka Panchang 22 April 2025: आज 22 अप्रैल, 2025 को वैशाख माह का नौवां दिन है और आज इस माह की नवमी तिथि है। आज दिनमान यानी दिन की लंबाई 13 घंटे 02 मिनट 26 सेकंड की है, जबकि रात्रिमान 10 घंटे 56 मिनट 35 सेकंड की होगी। वैदिक ज्योतिष के अनुसार, यह ग्रीष्म ऋतु का पूर्वार्ध काल है और सूर्य वर्तमान में उत्तरायण में गोचर कर रहे हैं।

आइए जानते हैं, 22 अप्रैल के पंचांग के पांचों अंग यानी तिथि, नक्षत्र, वार, योग और करण की क्या स्थितियां हैं? आज का कौन-सा समय आपके लिए शुभ सिद्ध होने के योग दर्शा रहा है और आज के राहु काल का समय क्या है?

आज का पंचांग

तिथि: आज वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि है, जो 06:12 PM तक व्याप्त रहेगी। इसके बाद वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि शुरू हो जाएगी। नवमी तिथि एक रिक्ता तिथि है, जिसकी स्वामिनी देवी दुर्गा हैं और इस दिन का स्वभाव आक्रामक होता है। लेकिन, यह तिथि शुभ मुहूर्तों में स्वीकृत नहीं है।

विज्ञापन

नक्षत्र: आज श्रवण नक्षत्र 12:44 PM तक व्याप्त रहेगी है। यह एक शुभ नक्षत्र है। इसके बाद धनिष्ठा नक्षत्र शुरू होगी, यह भी एक शुभ नक्षत्र है।

दिन/वार: मंगलवार का दिन हिंदू धर्म में विशेष धार्मिक महत्व रखता है। यह दिन विशेष रूप से बजरंग बली हनुमान जी की उपासना के लिए समर्पित है। इसके साथ ही, मंगलवार का दिन नवग्रहों में ग्रहों के सेनापति मंगल देव को भी समर्पित है और इस दिन मंगल शांति के उपाय किए जाते हैं।

विज्ञापन

योग: आज दिन भर शुभ योग व्याप्त रहेगा, जो कि एक शुभ योग है और यह  22 अप्रैल की 09:13 PM तक व्याप्त रहेगी। इसके बाद शुक्ल योग की शुरुआत होगी, यह भी एक शुभ योग है।

करण: आज 06:41 AM तक तैतिल करण का प्रभाव रहेगा, इसके बाद गर करण की शुरुआत होगी, जो 06:12 PM तक व्याप्त रहेगी। इसके बाद वणिज करण की शुरुआत होगी, जो 23 अप्रैल की 05:33 AM तक व्याप्त रहेगी। इसके बाद विष्टि करण की शुरुआत होगी।

विज्ञापन

सूर्य-चंद्र गोचर

आज के पंचाग के उपर्युक्त इन पांच अंगों के साथ ही आज सूर्य और चंद्र गोचर की स्थिति इस प्रकार रहने के योग हैं:

सूर्य गोचर: सूर्य मेष राशि में गोचर कर रहे हैं, जिसके स्वामी मंगल हैं।

विज्ञापन

चन्द्र गोचर: चंद्रमा आज मकर राशि में गोचर कर रहे हैं, जिसके स्वामी शनि हैं। वे इस राशि में 23 अप्रैल की 12:31 AM तक रहेंगे और फिर कुंभ राशि में प्रवेश कर जाएंगे।

शुभ-अशुभ काल

आज शुभ मुहूर्तों की स्थितियां इस प्रकार रहने के योग हैं:

ब्रह्म मुहूर्त: 04:21 AM से 05:05 AM

विज्ञापन

प्रातः सन्ध्या: 04:43 AM से 05:49 AM

अभिजित मुहूर्त: 11:54 AM से 12:46 PM

विज्ञापन

विजय मुहूर्त: 02:30 PM से 03:22 PM

गोधूलि मुहूर्त: 06:50 PM से 07:12 PM

विज्ञापन

सायाह्न सन्ध्या: 06:51 PM से 07:57 PM

अमृत काल: 01:59 AM अप्रैल 23 से 03:33 AM अप्रैल 23

निशिता मुहूर्त: 11:57 PM से 12:41 AM अप्रैल 23

आज अशुभ मुहूर्तों की स्थितियां इस प्रकार रहने के योग हैं:

राहुकाल: आज राहु काल 03:35 PM से 05:13 PM तक रहने का योग है। हिन्दू धर्म में इस अवधि में कोई भी शुभ कार्य आरंभ करने की मनाही है। 

यमगण्ड: 09:04 AM से 10:42 AM

गुलिक काल: 12:20 PM से 01:58 PM

दुर्मुहूर्त काल: 08:25 AM से 09:17 AM और 11:14 PM से 11:57 PM

विष घटी/वर्ज्य काल: 04:38 PM से 06:11 PM

भद्रा काल: 05:33 AM अप्रैल 23 से 05:48 AM अप्रैल 23

पञ्चक: 12:31 AM अप्रैल 23 से 05:48 AM अप्रैल 23

22 अप्रैल 2025 के पर्व और त्योहार

आज वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि है और दिन मंगलवार है। मंगलवार का दिन हिंदू धर्म में विशेष धार्मिक महत्व रखता है। यह दिन विशेष रूप से बजरंग बली हनुमान जी की उपासना के लिए समर्पित माना जाता है। भक्तजन इस दिन हनुमान चालीसा, सुंदरकांड और रामचरितमानस का पाठ करते हैं। मान्यता है कि हनुमान जी की कृपा से भक्तों के सभी कष्ट दूर होते हैं, नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है और जीवन में साहस व आत्मबल की वृद्धि होती है।

इसके साथ ही, मंगलवार का दिन नवग्रहों में ग्रहों के सेनापति मंगल देव को भी समर्पित है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मंगल ग्रह ऊर्जा, पराक्रम, भूमि, साहस और युद्धकला का प्रतीक है। जिनकी कुंडली में मंगल दोष होता है, वे इस दिन विशेष रूप से मंगल देव की पूजा और व्रत रखते हैं। मंगल ग्रह के शुभ प्रभाव से व्यक्ति के जीवन में शक्ति, स्थिरता और समृद्धि आती है।

आज की यात्रा टिप्स: आज उत्तर दिशा में दिशाशूल होने के कारण, आपातकाल को छोड़कर आज इस दिशा में यात्रा करना शुभ नहीं है।

पंचांग का महत्व

पंचांग केवल तिथियों और त्योहारों का कैलेंडर नहीं है, बल्कि यह जीवन को सफलता और समृद्धि की ओर मार्गदर्शन करने वाला एक महत्वपूर्ण साधन है। यह ब्रह्मांड की प्राकृतिक लय और खगोलीय घटनाओं के अनुरूप चलने की प्रेरणा देता है, जिससे समय और परिस्थितियां अनुकूल बनाई जा सकती हैं।

पंचांग के पांच प्रमुख अंग

पंचांग के पांच मुख्य घटक होते हैं, जिनका ध्यान रखकर किए गए कार्यों में सफलता और समृद्धि की संभावना बढ़ जाती है। पंचांग एक ये घटक हैं: 

वार: यह सप्ताह के सातों दिनों का महत्व और उनका प्रभाव को बतलाता है।

तिथि: इसके अनुसार चंद्र मास के अनुसार दिन की गणना का पता चलता है।

नक्षत्र: यह विशिष्ट नक्षत्रों की स्थिति और उनके प्रभाव बतलाता है।

योग: इससे विशेष खगोलीय संयोगों का महत्व का पता चलता है।

करण: आधे तिथि का सूचक को करण कहा जाता है, जो कार्यों की शुभता को प्रभावित करता है।

शुभ कार्यों में पंचांग का महत्व: हिंदू संस्कृति में पंचांग के आधार पर शुभ कार्य किए जाते हैं, जिससे सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है और इच्छित फल की प्राप्ति होती है। ये कार्य मुख्य रूप से हैं: विवाह, गृह प्रवेश, व्यवसाय की शुरुआत, यात्रा और अन्य मांगलिक कार्य।

पंचांग की जीवन में भूमिका: पंचांग केवल शुभ मुहूर्त जानने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति की निर्णय क्षमता को भी सुदृढ़ करता है। यह प्रकृति और ब्रह्मांड की ऊर्जा के साथ संतुलन स्थापित करने में सहायक होता है, जिससे जीवन में शांति, समृद्धि और सकारात्मकता का संचार होता है। अतः पंचांग का अनुसरण करके हम अपने जीवन को अधिक सफल और समृद्ध बना सकते हैं।

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Shyamnandan

श्यामनंदन कुमार News24.com में चीफ सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामनंदन ज्योतिष, अंक शास्त्र, सामुद्रिक शास्त्र, पर्व-त्योहार सहित भारतीय धर्म-संस्कृति के जानकार पत्रकार हैं. उन्होंने पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से की है और ज्योतिष का अध्ययन भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से किया है. अपने पेशे में डिजिटल करियर की शुरुआत उन्होंने एनडीटीवी कन्वर्जेंन्स के साथ की. श्यामनंदन हिंदुस्तान टाइम्स, बंसल न्यूज (भोपाल) जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स के साथ भी जुड़े रहे हैं. उन्होंने देश के प्रसिद्ध संतों के सत्संग और समागम की रिपोर्टिंग की है.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola