Aaj Ka Panchang 04 November 2025: सनातन धर्म के लोगों के लिए वैकुंठ चतुर्दशी का खास महत्व है, जिस दिन भगवान विष्णु के साथ देवों के देव महादेव की पूजा की जाती है. धार्मिक मान्यता है कि जो लोग इस चतुर्दशी पर सच्चे मन से दोनों देवताओं की पूजा करते हैं, उन्हें पुण्य जरूर मिलता है. द्रिक पंचांग के अनुसार, आज 4 नवंबर 2025 को ही वैकुंठ चतुर्दशी की पूजा की जा रही है. हालांकि, इसके साथ आज मणिकर्णिका स्नान भी है. आइए अब जानते हैं 4 नवंबर 2025 के पंचांग के बारे में.
तिथि और दिशा शूल
आज देर रात 10 बजकर 36 मिनट तक कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि रहेगी, जिसके बाद कल सुबह तक पूर्णिमा तिथि रहने वाली है. इसके अलावा उत्तर दिशा शूल दिनभर रहेगी.
संवत और चंद्रमास
नक्षत्र और करण
नक्षत्र की बात करें तो इस समय रेवती चल रहा है, जो दोपहर 12:34 मिनट तक रहेगा. रेवती नक्षत्र के समाप्त होते ही अश्विनी नक्षत्र का आरंभ हो जाएगा, जो कल सुबह तक रहेगा. इसके अलावा दोपहर 12:24 मिनट तक गर करण रहेगा. गर करण के समाप्त होते ही वणिज करण का आरंभ होगा, जो देर रात 10:36 मिनट तक रहेगा. वहीं, दिन के अंत में विष्टि करण रहेगा.
आज का शुभ समय
आज का अशुभ समय
आज के शुभ-अशुभ योग
आज दोपहर 03:42 मिनट तक वज्र योग रहेगा, जिसके बाद सिद्धि योग का आरंभ होगा. सिद्धि योग कल सुबह तक रहेगा. इसके अलावा आज दोपहर 12:34 मिनट से कल सुबह 06:36 मिनट तक सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग रहेगा. वहीं, रवि योग और आडल योग आज सुबह 06:35 मिनट से दोपहर 12:34 मिनट तक रहेगा.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.