नई दिल्ली: पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की विधानसभा ने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा चलाने के लिए प्रस्ताव पारित किया है। बताया जा रहा है कि नए सेना प्रमुख की नियुक्ति और अन्य संवेदनशील मुद्दों पर शहबाज लंदन में रह रहे अपने भगोड़े भाई नवाज शरीफ से परामर्श ले रहे हैं, इसलिए शहबाज के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा चलाया जाना चाहिए।
पाकिस्तान के मौजूदा सेनाध्यक्ष जनरल कमर जावेद बाजवा नवंबर के अंत में रिटायर होने वाले हैं। पिछली बार 2019 में उनके कार्यकाल को बढ़ाया गया था और फिलहाल एक और कार्यकाल विस्तार के लिए वो पात्र हैं। जिस प्रकार से पाकिस्तान की सरकार जनरल बाजवा को सीने से लगाए रहती है, लगता नहीं है कि वे रिटायर होंगे।
रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि रक्षा मंत्रालय और पाकिस्तानी सेना का मुख्यालय अक्टूबर के अंत तक इस मामले पर विचार-विमर्श करेंगे और उसके बाद फैसला किया जाएगा। इससे पहले भी शरीफ की पाकिस्तान मुस्लिम लीग (एन) के नेतृत्व वाली पाकिस्तान की गठबंधन सरकार ने कहा था कि वह नियुक्ति पर फैसला करने के लिए अपने सहयोगी दलों और सेना के शीर्ष अधिकारियों से परामर्श करेगी।
बताया जा रहा है कि हाई-प्रोफाइल नियुक्ति पर बने सस्पेंस के बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने हाल ही में लंदन में अपने बड़े भाई नवाज शरीफ से मुलाकात की थी। शहबाज शरीफ ब्रिटेन की दिवंगत महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए लंदन गए थे। बताया जा रहा है कि इसी दौरान प्रधानमंत्री शहबाज ने नवाज के साथ अगले सेना प्रमुख की नियुक्ति पर चर्चा की।
शहबाज के खिलाफ क्या प्रस्ताव पारित किया गया है?
पंजाब विधानसभा की ओर से पारित प्रस्ताव में प्रधानमंत्री शहबाज के खिलाफ देशद्रोह के आरोप में कार्रवाई की मांग की गई है। बता दें कि पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी और उसकी सहयोगी पीएमएलक्यू का शासन है।
डॉन अखबार के अनुसार, पंजाब के संसदीय मामलों के मंत्री बशारत राजा की ओर से ये प्रस्ताव पेश किया गया। बहुमत से पारित प्रस्ताव में कहा गया कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ खुद कई मामलों में आरोपी हैं। यह कदम उठाकर (नवाज शरीफ से मुलाकात करके) प्रधानमंत्री को संवैधानिक प्रावधानों के उल्लंघन का दोषी पाया गया, इसलिए प्रधानमंत्री के खिलाफ अनुच्छेद 5 और 6 के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए।
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लंदन में क्यों हैं नवाज़ शरीफ़?
नवाज़ शरीफ नवंबर 2019 से लंदन में रह रहे हैं। लाहौर हाई कोर्ट ने उन्हें मेडिकल ग्राउंड पर आठ सप्ताह की जमानत दी थी। दिसंबर 2018 में उन्हें सऊदी अरब में स्टील मिलों के अपने परिवार के स्वामित्व से संबंधित भ्रष्टाचार के एक मामले में जेल में डाल दिया गया था, जिसे अल-अज़ीज़िया भ्रष्टाचार मामले के रूप में जाना जाता है। लंदन जाने से पहले वे यहां लोट लखपत जेल में बंद थे।
बता दें कि एक विदेशी नागरिक ब्रिटेन में एक बार में छह महीने से अधिक नहीं रह सकता है। नवाज शरीफ ने पिछले साल तक इन एक्सटेंशन के लिए आवेदन किया था। पिछले साल अगस्त में शरीफ ने वीजा विस्तार से इनकार किए जाने पर ब्रिटिश इमिग्रेशन ट्रिब्यूनल में अपील दायर की थी। समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, शरीफ कानूनी रूप से ब्रिटेन में तब तक रह सकते हैं जब तक ट्रिब्यूनल उनकी याचिका पर फैसला नहीं दे देता।
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