अमेरिकी फाइनेंसर जेफरी एपस्टीन की हालिया फाइलों ने एक ऐसी महिला का राज खोला है, जो उसके आखिरी पलों तक सबसे करीब थी. मरने से कुछ घंटे पहले जेल से एपस्टीन ने जिसे आखिरी फोन कॉल किया था, वह कोई और नहीं बल्कि बेलारूसी डेंटिस्ट कैरीना शुलियाक थी. जब दुनिया भर में एपस्टीन की काली करतूतों का खुलासा हुआ और उसके करीबी साथियों ने साथ छोड़ दिया, तब भी कैरीना उससे जुड़ी रही. एपस्टीन ने अपनी वसीयत में कैरीना के लिए 100 मिलियन डॉलर की भारी-भरकम राशि और अपनी बेशकीमती 33 कैरेट की हीरे की अंगूठी छोड़कर सबको हैरान कर दिया है.
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बेलारूस से कोलंबिया यूनिवर्सिटी तक का सफर
कैरीना और एपस्टीन की पहली मुलाकात साल 2010 में बेलारूस के मिन्स्क में हुई थी, जब कैरीना की उम्र महज 20 साल थी. एपस्टीन ने जल्द ही उसे अपने खास सर्कल में शामिल कर लिया और उसे अमेरिका लाने में पूरी मदद की. न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट बताती है कि कैरीना कोलंबिया यूनिवर्सिटी के डेंटल कॉलेज में दाखिला लेना चाहती थी, लेकिन शुरू में उसे रिजेक्शन मिला. इसके बाद एपस्टीन ने अपने रसूख का इस्तेमाल किया और कॉलेज को लाखों डॉलर का डोनेशन देने का लालच देकर उसे वहां एडमिशन दिलवाया. कॉलेज के डीन ने खुद बेलारूस से उसके पुराने रिकॉर्ड मंगवाकर दाखिले की प्रक्रिया पूरी कराई थी.
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पढ़ाई के लिए पानी की तरह बहाया पैसा
न्याय विभाग के दस्तावेजों के अनुसार एपस्टीन ने कैरीना की पढ़ाई और रहने के खर्च के लिए करोड़ों रुपए खर्च किए थे. उसने कोलंबिया यूनिवर्सिटी के डेंटल केयर डिपार्टमेंट को समय-समय पर भारी दान दिया, ताकि कैरीना बिना किसी परेशानी के अपनी डॉक्टरेट पूरी कर सके. डेटा के मुताबिक केवल ट्यूशन फीस के रूप में एपस्टीन ने 631,000 डॉलर का भुगतान किया था. यूनिवर्सिटी के कई बड़े अधिकारियों ने कैरीना के लिए अलग से स्टडी प्लान तैयार किया था, क्योंकि उसने सामान्य समय के काफी बाद में एडमिशन लिया था. एपस्टीन उसे एक सफल डेंटिस्ट बनाने के लिए हर संभव निवेश कर रहा था.
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वसीयत की सबसे बड़ी हकदार बनी कैरीना
आज 36 साल की हो चुकी कैरीना शुलियाक न्यूयॉर्क में रहती है और वह एपस्टीन की संपत्ति की मुख्य बेनीफिशरी है. एपस्टीन की जिंदगी में उसका स्थान इतना महत्वपूर्ण था कि उसने उसे अपनी सबसे कीमती अंगूठी तक दे डाली. साल 2019 में जेल में आत्महत्या करने से पहले एपस्टीन ने जो आखिरी बातचीत की थी, वह कैरीना के ही साथ थी. फाइलों से पता चलता है कि वह केवल उसकी प्रेमिका ही नहीं बल्कि उसकी सबसे भरोसेमंद साथी भी थी. यही वजह है कि एपस्टीन ने अपनी करोड़ों की दौलत का एक बड़ा हिस्सा उसके नाम कर दिया ताकि वह उसके बाद ऐशो-आराम की जिंदगी जी सके.
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