अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और सुप्रीम कोर्ट के बीच टैरिफ को लेकर चल रही कानूनी जंग ने अब एक नया मोड़ ले लिया है. कोर्ट के झटके के बाद ट्रंप ने न केवल नया आदेश जारी किया है, बल्कि टैरिफ की दरों को भी बढ़ा दिया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा फैसला लेते हुए दुनिया भर से आने वाले सामान पर ग्लोबल टैरिफ को बढ़ाकर 15 प्रतिशत करने का ऐलान कर दिया है. इससे पहले उन्होंने शुक्रवार को इसे 10 प्रतिशत रखने की घोषणा की थी, लेकिन शनिवार को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए उन्होंने इसमें और बढ़ोतरी कर दी. ट्रंप ने यह कदम अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले के बाद उठाया है जिसमें कोर्ट ने कहा था कि राष्ट्रपति के पास इतने व्यापक टैरिफ लगाने की इमरजेंसी शक्तियां नहीं हैं. ट्रंप ने कोर्ट के इस फैसले को 'अमेरिका विरोधी' और 'बेतुका' बताते हुए इसकी तीखी आलोचना की है.
सुप्रीम कोर्ट के झटके के बाद ट्रंप का 'काउंटर अटैक'
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को 6-3 के बहुमत से फैसला सुनाया था कि 1977 का इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) राष्ट्रपति को टैरिफ लगाने का अधिकार नहीं देता. इस फैसले से नाराज होकर ट्रंप ने जजों को 'वफादार नहीं' और 'लैपडॉग' तक कह डाला. कोर्ट के आदेश के बाद ट्रंप ने एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर साइन किए जो उन्हें कांग्रेस को बाईपास करके 150 दिनों के लिए टैक्स लगाने की अनुमति देता है. हालांकि ये नए टैरिफ सिर्फ 150 दिनों के लिए ही मान्य होंगे, जब तक कि इन्हें कानून बनाकर आगे न बढ़ाया जाए.
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भारत के लिए क्या बदल जाएगा?
भारत के लिए ट्रंप का यह नया फैसला अनिश्चितता लेकर आया है, हालांकि आंकड़ों के लिहाज से असर बहुत बड़ा नहीं दिख रहा है. फरवरी 2026 की शुरुआत में भारत और अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते के तहत टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत करने पर सहमति बनी थी. अब ट्रंप के 15 प्रतिशत ग्लोबल टैरिफ के प्रस्ताव के बाद भारत के लिए प्रभावी टैरिफ दर 18.5 प्रतिशत हो जाएगी. यह इस महीने की शुरुआत में तय हुई 18 प्रतिशत की दर से सिर्फ 0.5 प्रतिशत ही ज्यादा है. अगर सुप्रीम कोर्ट का फैसला पूरी तरह लागू होता तो यह दर गिरकर ट्रंप के कार्यकाल से पहले के स्तर यानी लगभग 3.5 प्रतिशत पर आ जाती.
रूस के तेल और टैरिफ का पुराना विवाद
भारत और अमेरिका के बीच टैरिफ को लेकर तनाव पिछले साल से ही बना हुआ था जब भारत पर 25 प्रतिशत का रेसिप्रोकल टैरिफ लगाया गया था. बाद में रूस से तेल आयात करने के कारण व्हाइट हाउस ने इसे बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया था क्योंकि अमेरिका का मानना था कि इससे यूक्रेन युद्ध को बढ़ावा मिल रहा है. अब ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट में असहमति जताने वाले तीन जजों ब्रेट कवानुआ, क्लेरेंस थॉमस और सैमुअल अलिटो की तारीफ की है और उन्हें अपना 'नया हीरो' बताया है. फिलहाल व्हाइट हाउस ने साफ किया है कि भारत जैसे व्यापारिक साझेदारों के लिए नए शुल्क लागू होने से पहले अस्थायी राहत दी जाएगी.