Rules for Designating Terrorist: यूरोपीय संघ (EU) ने ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) को आतंकवादी संगठन घोषित करने का फैसला किया है. यूरोपीय संघ के सभी 27 सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों की एक बैठक ब्रुसेल्स में हुई थी, जिसमें एक प्रस्ताव पारित करके IRGC को आतंकी संगठन घोषित किया गया. यह फैसला ईरान में हाल ही में हुए विरोध प्रदर्शनों को कुचलने के लिए IRGC द्वारा की गई क्रूर कार्रवाई के जवाब में लिया गया है.
वहीं अब IRGC के सदस्यों की संपत्ति जब्त की जाएगी. ईरान को फंडिंग पर रोक लगाई जाएगी और ईरान की यात्रा पर प्रतिबंध लगाए जाएंगे. IRGC को अमेरिका, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया ने पहले ही आतंकवादी संगठन घोषित कर रखा है, ऐसे में हम आपको बता रहे हैं कि किसी देश, संगठन या व्यक्ति को आतंकी घोषित करने के किस देश में क्या नियम हैं?
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अमेरिका कैसे घोषित करता है आतंकी?
अमेरिका ने आज तक 4 देशों को आतंकी देश घोषित किया हुआ है. 1984 में ईरान को, 1979 में सीरिया को, 2021 में क्यूबा को और उत्तर कोरिया को भी अमेरिका ने आतंकी देश घोषित किया हुआ है. इसके लिए अमेरिका में 'स्टेट स्पॉन्सर ऑफ टेररिज्म' नामक कानून बनाया गया है, जिसके 3 सेक्शन में किसी देश, संगठन या व्यक्ति को आतंकी घोषित करने का प्रावधान किया गया है. ये 3 धाराएं 1754(सी), 40 और 620ए हैं.
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जब अमेरिका किसी देश को आतंकी घोषित कर देता है तो उसे दी जाने वाली फंडिंग रोक देता है. उसे न तो हथियार सप्लाई करता है और न ही उसके हथियार खरीदता है. उस देश को होने वाले निर्यात पर भी प्रतिबंध लगा देता है. अमेरिका आतंकी संगठन देशों की सूची को समय-समय पर अपडेट भी करता है, जैसे अब इस सूची में सूडान नहीं है, लेकिन क्यूबा फिर से जुड़ गया है.
भारत कैसे घोषित करता है आतंकी?
भारत सरकार किसी देश को आतंकी घोषित नहीं करती है, लेकिन भारत सरकार किसी संगठन को आतंकी घोषित कर सकती है. इसके लिए भारत में अनलॉफुल एक्टिविटीज प्रिवेंशन एक्ट (UAPA) बनाया गया है, जिसके तहत किसी भी देश के संगठन को आतंकी संगठन घोषित करने की कार्रवाई की जाती है.
भारत ने 15 फरवरी 2021 तक 42 संगठनों को आतंकी संगठन घोषित किया हुआ है, जिनमें बब्बर खालसा इंटरनेशनल, लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद, हिजबुल मुजाहिद्दीन, अलकायदा, इंडियन मुजाहिद्दीन, इस्लामिक स्टेट ऑफ ईराक, लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम, स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट ऑपु इंडिया, नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ बोडोलैंड, नेशनल लिबरेशन फ्रंट ऑफ त्रिपुरा, यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असर आदि शामिल हैं.
संयुक्त राष्ट्र कैसे घोषित करता है आतंकी?
बता दें कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद भी भारत की तरह किसी संगठन या किसी व्यक्ति को ही आतंकी घोषित करता है. इसके लिए संयुक्त राष्ट्र ने 1267, 1989, 2253 नामक कमेटी बनाई हुई है, जिसे किसी देश के द्वारा किसी संगठन या व्यक्ति को आतंकी घोषित करने का प्रस्ताव दिया जाता है.
कमेटी उक्त संगठन या व्यक्ति को आतंकी घोषित करने के लिए दी गई दलीलों से जुड़े सबूत इकट्ठे करके दिए गए प्रस्ताव की समीक्षा करती है और फिर संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों से उक्त प्रस्ताव पर सहमति ली जाती है. अगर सहमति बन जाती है तो उक्त व्यक्ति या संगठन को आतंकी घोषित करके लिस्ट में उसका नाम ऐड करके वेबसाइट पर अपडेट कर दिया जाता है और संबंधित संगठन या व्यक्त को उसकी ऑफिशियल जानकारी दे दी जाती है.