वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो अमेरिका पहुंच गए हैं. अमेरिकी स्पेशल फोर्सेस (डेल्टा फोर्स) राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को उनके घर काराकास स्थित फोर्ट टियुना सैन्य परिसर से गिरफ्तार करके अमेरिकी ले आई है. मादुरो को लेकर अमेरिकी विमान न्यूयॉर्क शहर के स्टीवर्ट एयर नेशनल गार्ड बेस पर लैंड हुआ, जिससे उतारकर मादुरो को ले मैनहट्टन ले जाया गया है, जहां उन्हें DEA कार्यालय में रखा गया है.
मादुरो के खिलाफ न्यूयॉर्क में चलेगा केस
वीडियो में देख सकते हैं कि अमेरिकी अधिकारियों की एक टीम एक व्यक्ति को विमान से उतारकर ले जा रही हैं. शख्स के हाथों पर पट्टी बंधी है और उसके हाथ हथकड़ी से पीछे बंधे हैं. इस शख्स को मादुरो ही बताया जा रहा है. वहीं मादुरो के खिलाफ अब न्यूयॉर्क की कोर्ट में नार्को-टेररिज्म और ड्रग तस्करी के आरोपों में मुकदमा चलाया जाएगा. अमेरिका ने मादुरो पर अमेरिका में कोकेन की तस्करी करने और कार्टेल दे लॉस सोल्स का नेतृत्व करने का आरोप लगाया है.
वेनेजुएला में 30 मिनट में 7 धमाके हुए
बता दें कि 3 जनवरी 2026 को सुबह अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला के खिलाफ ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व चलाया और करीब 150 से ज्यादा विमानों के जरिए वेनेजुएला की राजधानी काराकास और आस-पास के क्षेत्रों में हवाई हमले किए. अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला में सैन्य ठिकानों, एयरबेस, बंदरगाह समेत अन्य ठिकानों को टारगेट किया. 30 मिनट चले ऑपरेशन में 7 धमाके हुए. इस बीच अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला को राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी को घर में घुसकर पकड़ लिया.
अब अमेरिका चलाएगा वेनेजुएला को
वेनेजुएला में सैन्य ऑपरेशन पूरा होने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने मादुरो की एक तस्वीर जारी की, जिसमें वह अमेरिकी सेना की कस्टडी में हैं और उनकी आंखों पर पट्टी बंधी है. हाथ भी हथकड़ी से पीछे की ओर बंधे हुए हैं. साथ ही राष्ट्रपति ट्रंप ने ऐलान किया कि जब तक वेनेजुएला में नई सरकार नहीं बन जाती, तब तक देश को अमेरिका चलाएगा और वहां से तेल की सप्लाई पहले की तरह ही सुनिश्चित करेगा. साथ ही अमेरिका की कोर्ट में मादुरो के खिलाफ केस चलाया जाएगा.
अमेरिका ने की हुई थी सख्त घेराबंदी
विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने पत्रकारों को बताया कि अमेरिकी सेना ने कैरेबियन सागर में वेनेजुएला की घेराबंदी कई दिन से की हुई थी. अमेरिका ने राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को वेनेजुएला छोड़ने और अमेरिकी कब्जे से बचने का अवसर दिया गया था. कई बार उनसे कहा गया कि वे सरेंडर कर दें और वेनेजुएला छोड़कर चले जाएं. वेनेजुएला की सत्ता छोड़ दें, लेकिन वे नहीं माने तो अमेरिका को हमला करना पड़ा और उन्हें गिरफ्तार करना पड़ा, नहीं तो वे आज अमेरिका की बजाय कहीं और होते.
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