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अमेरिका की नजर में 'अवैध' कौन, जिन्हें देश से निकाल रहे ट्रंप; पहले और अब के नियम में क्या अंतर?

Indians Deport in America: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 205 भारतीयों को भी डिपोर्ट कर दिया है, लेकिन अमेरिका के लिए अवैध प्रवासी का क्या मतलब है? अमेरिका में अवैध प्रवासियों को लेकर क्या नियम हैं?

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Indians Deport in America

US President Illegal Immigrants Deportion: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी एजेंसियों को अमेरिका में रह रहे अवैध प्रवासियों के खिलाफ एक्शन पर लगा दिया है। इसी क्रम में अमेरिका ने मिलिट्री प्लेन C-17 में अवैध भारतीय प्रवासियों को भरकर भारत भेज दिया है।

इससे पहले अमेरिका ने अवैध प्रवासियों को मिलिट्री प्लेन में भरकर पेरु, होंडूरास और ग्वाटेमाला भेजा था। राष्ट्रपति बनने के बाद ट्रंप ने अवैध प्रवासियों के खिलाफ सख्त रवैया अपनाया है। देशभर में अवैध प्रवासियों की धरपकड़ के लिए ट्रंप ने सेना की मदद ली है। लिहाजा प्रवासियों को जगह-जगह से अरेस्ट कर उनको स्वदेश भेजा जा रहा है।

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अमेरिका के इन शहरों में सबसे ज्यादा अवैध प्रवासी

एक एजेंसी के मुताबिक, अमेरिका में अल सल्वाडोर के 7.5 लाख, भारत के 7.25 लाख, ग्वाटेमाला के 6.75 लाख और होंडूरास के 5.25 लाख अवैध प्रवासी रहते हैं। अमेरिका में फ्लोरिडा, टेक्सॉस, न्यूयॉर्क, न्यूजर्सी, मैसाच्युएट्स , मैरीलैंड और कैलिफोर्नियां ऐसे शहर हैं, जहां सबसे ज्यादा अवैध प्रवासी रह रहे हैं।

अमेरिका में नजर में अवैध प्रवासी कौन?

अमेरिका के लिए ऐसे लोग अवैध प्रवासी हैं, जो अमेरिकी वीजा या इमिग्रेशन नियमों का उल्लंघन कर देश में रह रहे हैं। ऐसे नागरिकों को अनडॉक्यूमेंटेड इमिग्रेंट्स भी कहा जाता है। ऐसे प्रवासी आमतौर पर इन कैटेगरी में शामिल किए जाते हैं।

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अवैध रूप से घुसपैठ

ऐसे लोग जो आधिकारिक बॉर्डर चेक पॉइंट्स से बिना परमिशन के अमेरिका में घुसपैठ करते हैं, अवैध अप्रवासी कहलाते हैं। यह आमतौर पर मैक्सिको या कनाडा से जमीनी मार्ग द्वारा या समुद्री रास्तों से अवैध रूप से घुसते हैं।

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पैरोल उल्लंघन

कुल लोगों को पैरोल दी जाती है, लेकिन जब उनकी पैरोल अवधि समाप्त हो जाती है और वे लौटकर नहीं आते तो उन्हें भी अवैध प्रवासी माना जाता है।

वीजा ओवरस्टे

जो लोग वैध वीजा पर अमेरिका आते हैं, लेकिन तय अवधि के बाद भी वहीं पर रुके रहते हैं, उन्हें भी अमेरिका अवैध प्रवासियों की कैटेगरी में रखता है। हाल के वर्षों में अमेरिका में अवैध प्रवासियों की संख्या में वीजा ओवरस्टे वाले व्यक्तियों का बड़ा योगदान रहा है।

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कानूनी स्थिति का समाप्त होना

ऐसे व्यक्ति जिनके पास कभी अमेरिका में रहने के लिए कानूनी अधिकार था, लेकिन बाद में यह अधिकार खत्म हो गया या फिर उनका लीगल स्टेटस खत्म हो गया। वे भी अवैध प्रवासी माने जाते हैं। जैसे ग्रीन कार्ड का नवीनीकरण न कराना, अमेरिकी नागरिक जीवनसाथी से तलाक होने के बाद संबंधी कानूनी स्थितियां।

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अवैध प्रवासियों को लेकर पुराने और नए कानूनों में बदलाव

अमेरिका में अवैध प्रवासियों को लेकर नीतियों में महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं। अवैध प्रवासियों के प्रति पहले की नीतियां उदार थीं, जिसमें कुछ हद तक सहानुभूति थी, हालांकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन के दौरान इन नीतियों में कठोरता आई है। राष्ट्रपति ट्रंप ने अवैध प्रवास को रोकने के लिए राष्ट्रीय आपातकाल घोषित करने और सैन्य बलों का उपयोग करने की योजना की घोषणा की है।

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उनकी प्राथमिकता उन 4,25,000 अवैध प्रवासियों को निर्वासित करने की है, जिनके खिलाफ आपराधिक रिकॉर्ड मिले हैं। इसके अतिरिक्त उन 1.4 मिलियन लोगों को भी निशाना बनाया जाएगा, जिनके खिलाफ पहले से ही निर्वासन आदेश जारी किए जा चुके हैं। ट्रंप प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि जो शहर अवैध प्रवासियों को शरण देते हैं, उन्हें भी कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

जीरो टॉलरेंस पॉलिसी

अवैध प्रवासियों को लेकर ट्रंप जीरो टॉलरेंस पॉलिसी पर काम कर रहे हैं, वह ऐसे लोगों के खिलाफ कठोर कदम उठा रहे हैं। ट्रंप ने अपने पिछले शासन में भी अवैध प्रवासियों से जुड़े कई मामलों में माता-पिता और बच्चों को अलग करने की नीति लागू की थी, जबकि बाइडेन ने जीरो टॉलरेंस पॉलिसी को खत्म किया था।

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DACA पर बैन

डोनाल्ड ट्रंप DACA (डेफर्ड एक्शन फॉर चाइल्डहुड अराइवल्स) के खिलाफ हैं, इससे लाखों अप्रवासी युवाओं का भविष्य अंधकार में हो गया, जबकि बाइडेन ने ग्रीन कार्ड प्राप्त करने की प्रक्रिया को सरल बनाया था। ट्रंप मुस्लिम देशों पर बैन के पक्षधर हैं, जबकि बाइडेन बैन हटाने के पक्षधर थे। वहीं ट्रंप शरण नीति को लेकर सख्त हैं, उन्होंने अपने पिछले कार्यकाल में ‘रिमेन इन मैक्सिको’ पॉलिसी लागू की थी, जबकि बाइडेन ने इस नीति को रद्द कर दिया था।

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205 भारतीयों को भेजा भारत

अमेरिका ने मिलिट्री प्लेन C-17 में अवैध भारतीय प्रवासियों को भारत भेज दिया है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, अमेरिका ने ‘पेपरलेस’ यानी बिना कागज वाले भारतीयों के खिलाफ भी एक्शन शुरू कर दिया है।

पंजाब और गुजरात के लोग सबसे ज्यादा

पंजाब और गुजरात ऐसे राज्य हैं, जहां से बड़ी संख्या में लोग अमेरिका में प्रवास करते हैं। रोजगार के बेहतर अवसर और उच्च जीवन स्तर की उम्मीद में कई लोग किसी भी तरह अमेरिका पहुंचने की कोशिश करते हैं। इनमें से कुछ गलत तरीकों का सहारा लेते हैं। खासकर मैक्सिको सीमा के जरिए अवैध रूप से प्रवेश करने का प्रयास करते हैं। भारत में सक्रिय मानव तस्करी नेटवर्क लोगों को बड़ी रकम लेकर अमेरिका भेजने का झांसा देते हैं, जिससे कई बार वे जोखिम भरी परिस्थितियों में फंस जाते हैं।

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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