अगर इराक के सूखे, बंजर मैदानी इलाके के निवासियों की बात सच है तो एक अमेरिकी आत्मघाती ड्रोन अपने मिशन में विफल रहा. उन्होंने एक डेल्टा के आकार के ड्रोन की तस्वीरें साझा की हैं, जो लगभग एक टेलीफोन बूथ के आकार का है और देखने में अमेरिकी कम लागत वाली मानवरहित लड़ाकू आक्रमण प्रणाली (LUCAS) जैसा लगता है. हैरान करने वाली बात यह है कि यह ड्रोन फटा नहीं, बल्कि पूरी तरह सुरक्षित हालत में जमीन पर गिरा मिला. आमतौर पर 'कामिकेज़' ड्रोन का मकसद ही अपने लक्ष्य से टकराकर खुद को ब्लास्ट कर लेना होता है, लेकिन इस मामले में ड्रोन का सुरक्षित मिलना इसके 'मिशन फेलियर' की ओर इशारा कर रहा है.
क्या दिख रहा वायरल हो रहे वीडियो में
एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, वायरल हो रहे वीडियो में दो लोग ड्रोन की जांच करते हुए हंसते हुए नजर आ रहे हैं. उनमें से एक छोटा ट्रक चला रहा था जो शायद ड्रोन को ले जाने में सक्षम हो. ड्रोन पर कोई बड़ा डैमेज नहीं दिख रहा है, जिससे कयास लगाए जा रहे हैं कि या तो इसका संपर्क बेस से टूट गया या फिर किसी तकनीकी खराबी के कारण यह क्रैश हो गया. रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, यह ड्रोन अमेरिकी सेना द्वारा निगरानी और सटीक हमले के लिए इस्तेमाल किया जाता है.
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अमेरिका के लिए क्यों है यह चिंता का विषय?
इराक से वायरल हुए वीडियो ने अमेरिकी रक्षा विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है. अगर कोई भी सैन्य तकनीक या ड्रोन 'दुश्मन' के इलाके में बिना फटे गिरता है, तो उसके 'रिवर्स इंजीनियरिंग' का खतरा बढ़ जाता है. इसका मतलब है कि विरोधी सेना इस ड्रोन को खोलकर इसकी तकनीक, सेंसर और सॉफ़्टवेयर का पता लगा सकती है.
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LUCAS ड्रोन का पहला कॉम्बैट इस्तेमाल
अमेरिकी सेंट्रल कमांड CENTCOM ने हाल ही में पुष्टि की थी कि टास्क फोर्स स्कॉर्पियन स्ट्राइक ने ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के दौरान पहली बार वन-वे अटैक ड्रोन का इस्तेमाल किया. CENTCOM ने X पर पोस्ट किया कि CENTCOM की टास्क फोर्स स्कॉर्पियन स्ट्राइक ने इतिहास में पहली बार वन-वे अटैक ड्रोन का कॉम्बैट में इस्तेमाल किया. ये लो-कॉस्ट ड्रोन ईरान के शाहेद ड्रोन से प्रेरित हैं और अब अमेरिकी बदला ले रहे हैं."