US Immigration Policy: अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की इमिग्रेशन पॉलिसी अब हिंसक होने लगी है, क्योंकि बीते दिन मिनेसोटा राज्य के मिनियापोलिस शहर में इमिग्रेशन एक्शन के दौरान ICE एजेंट में महिला को गोली मार दी. गोली लगने से कार में बैठी महिला की मौत हो गई. घटनाक्रम देखकर लोग भड़क गए और उन्होंने फेडरल एजेंट्स पर हमला करने की कोशिश की. वहीं लोगों ने राष्ट्रपति ट्रंप की इमिग्रेशन पॉलिसी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी भी की.
3 बच्चों की मां थी मृतक महिला
बता दें कि मृतका की पहचान 37 साल की रैनी गुड के रूप में हुई है, जो 3 बच्चों की मां भी थी, लेकिन वह किसी ICE विरोध प्रदर्शन और ग्रुप का हिस्सा नहीं थी, फिर भी ICE एजेंटों ने उसे गोली क्यों मारी? यह सवाल दोहराते हुए लोग भड़क गए और उन्होंने फेडरल एजेंटों पर हमला करने की कोशिश की, लेकिन हालात खराब होते देखकर हथियारों से लैस एजेंटों ने गैस मास्क पहन लिए और उग्र भीड़ को खदेड़ने के लिए एजेंटों ने केमिकल इरिटेंट्स का इस्तेमाल किया.
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मिनियापोलिस के मेयर भड़के
घटनाक्रम की जानकारी मिलते ही मिनियापोलिस के मेयर जैकब फ्रे ने ट्वीट किया कि शहर की 34वीं स्ट्रीट और पोर्टलैंड में ICE एजेंट की हरकत के बारे में पता चला. ICE एजेंट इमिग्रेशन चेकिंग के नाम पर शहर में अराजकता फैला रहे हैं, इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. एजेंट तुरंत शहर छोड़कर चले जाएं. इमिग्रेशन चेकिंग में लोग खुद की मर्जी से और तरीके से सहयोग करेंगे. स्थानीय प्रशासन अपने अप्रवासी और शरणार्थी समुदायों के साथ खड़ा है. जिस महिला को गोली मारी गई, वह अमेरिकी थी.
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प्रत्यक्षदर्शियों ने बताई कहानी
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ICE एजेंट ने कार टर्न कर रही महिला को रोक और अपनी गाड़ी से उतरकर महिला की कार की तरफ बढ़े. महिला ने कार साइड में लगाने के लिए आगे बढ़ाई तो एजेंट ने उसे गोली मार दी. ट्रंप प्रशासन के निर्देश पर फेडरल एजेंट की इस तरह की हरकतें लोगों में डर और दहशत पैदा कर रही हैं. न्यूयॉर्क के मेयर ममदानी ने भी घटना को हत्या करार दिया और कहा कि ICE के एजेंट अराजक और डर का माहौल बना रहे हैं. इमिग्रेशन के नाम पर यह सब बर्दाश्त नहीं करेंगे.