नए साल के पहले दिन अमेरिका और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बड़ा झटका लगा है. क्योंकि 2 देशों ने अमेरिका के लोगों की एंट्री अपने देश में बैन कर दी है. दोनों देशों ने यह फैसला राष्ट्रपति ट्रंप के द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के जवाब में लिया है. बता दें कि दोनों देश फीफा वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई कर चुके हैं और राष्ट्रपति ट्रंप ने आदेश जारी किया है कि अमेरिका में फीफा वर्ल्ड कप के दौरान खिलाड़ियों को तो एंट्री मिलेगी, लेकिन आम लोगों को घुसने नहीं दिया जाएगा.
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दोनों देशों के मंत्रालयों ने की पुष्टि
बुर्किना फासो के विदेश मंत्री करामाो जीन मैरी त्राओरे ने प्रतिबंध की पुष्टि की और कहा कि बुर्किना फासो में अमेरिका के लोगों के लिए लिए वही नियम लागू होंगे, जो अमेरिका ने बुर्किना फासो के लोगों को लिए लागू किए हैं. हालांकि माली ने फैसले पर खेद जताया है, लेकिन माली के विदेश मंत्रालय ने भी फैसले की पुष्टि की और बयान जारी करके बताया कि अमेरिकी नागरिकों के देश में एंट्री नहीं दी जाएगी. माली के लोगों पर अमेरिका में जो नियम लागू हैं, वहीं नियम अमेरिका के लोगों पर लागू होंगे.
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ट्रंप ने 39 देशों पर लगाया प्रतिबंध
बता दें कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर अमेरिकी प्रशासन ने 39 देशों के लोगों के लिए अमेरिकी में एंट्री पर पाबंदी लगा दी है. कुछ देशों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाए गए हैं तो कुछ देशों पर आंशिक प्रतिबंध लागू हुए हैं. वहीं जिन देशों पर प्रतिबंध लगे हैं, उनमें 25 अफ्रीकी देश शामिल हैं. अमेरिका ने सीरियर, फिलिस्तीन, नाइजीरिया, दक्षिण सूडान, सिएरा लियोन देशों के लोगों की अमेरिका में एंट्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है, वहीं सेनेगल और आइवरी कोस्ट पर आंशिक प्रतिबंध लगाया है.
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फीफा वर्ल्डकप के चलते लगा बैन
बता दें कि अमेरिकी सरकार ने फीफा फुटबॉल वर्ल्डकप टूर्नामेंट के लिए दुनियाभर के खिलाड़ियों और दुनियाभर के देशों के आम लोगों की एंट्री को लेकर नियम बनाए हैं. करीब 39 देशों के लिए आदेश जारी हुए हैं, जिसमें कहा गया है कि खिलाड़ियों को अमेरिका में आने दिया जाएगा, लेकिन आम लोगों को नियमों के अनुसार ही एंट्री मिलेगी. राष्ट्रपति ट्रंप के इस आदेश के बाद प्रभावित देशों ने प्रतिक्रिया व्यक्त करनी शुरू कर दी है, जिसमें सबसे पहले माली और बुर्किना फासो ने एक्शन लिया है.