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क्या घुटनों पर आने लगे हैं जेलेंस्की, यूरोपीय देशों पर क्यों भड़के यूक्रेनी प्रेसिडेंट, कैसे हैं देश के हालात?

Russia Ukraine War: रूस के हमले से यूक्रेन के हालात अब खराब होने लगे हैं, इससे यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की काफी निराश हैं और यूरोपीय देशों पर अपनी भड़ास निकाल रहे हैं. वहीं दूसरी ओर, रूस से जंग को 4 साल पूरे हो गए हैं और रूस ने जेलेंस्की को बातचीत के लिए मॉस्को भी बुलाया हुआ है.

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रूस ने जेलेंस्की को बातचीत के लिए मॉस्को बुलाया है.

Russia Ukraine War Update: रूस और यूक्रेन की जंग को 4 साल हो गए हैं और इन 4 साल में यूक्रेन की हालत रूस के हमले से ज्यादा खराब हुई है. वर्तमान में यूक्रेन की हालात बेहद नाजुक है, क्योंकि यूक्रेन की मिसाइलें खत्म हो गई हैं, जिस वजह से डिफेंस सिस्टम काम नहीं कर रहा है. इसलिए वह अब रूस का सामना करने में सक्षम नहीं है. इन हालातों को देखकर लगता है कि यूरोप के दम पर रूस से जंग लड़ रहे जेलेंस्की अब घुटनों पर आने लगे हैं.

यह भी पढ़ें: ‘यूक्रेन में भयंकर ठंड है, रूस हमला नहीं करेगा’, ट्रंप का दावा- 7 दिन के सीजफायर के लिए मनाया है

जेलेंस्की ने यूरोपीय देशों पर उतारा है गुस्सा

बता दें कि जेलेंस्की ने यूरोपीय देशों पर गुस्सा उतारा है और कहा है कि उनके मिसाइल डिफेंस सिस्टम बेकार पड़े हैं और वे इस समय बेहद चुनौतीपूर्ण समय से गुजर रहे हैं. पैट्रियट और NASAMS एयर डिफेंस सिस्टम रूसी सेना के ताजा हमलों को रोकने में नाकामयाब साबित हुए. यूक्रेन के हालात इतने नाजुक इसलिए हैं, क्योंकि पश्चिमी लॉजिस्टिक्स और फाइनेंसिंग की कमी हो गई है और इनकी कमी के पूरा होने की उम्मीद नजर नहीं आ रही है.

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वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में भी भड़क गए थे

जेलेंस्की ने कहा कि हथियारों की अतिरिक्त सप्लाई के लिए पश्चिमी देशों पर दबाव डालना पड़ रहा है, लेकिन अब तक जितना दबाव डाला गया, वह काम नहीं आया. बता दें कि पिछले सप्ताह दावोस में हुई वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में भी जेलेंस्की ने यूरोप पर कमजोरी और असमंजस का आरोप लगाते हुए भड़ास निकाली थी. वहीं जेलेंस्की की हालत देख हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ओर्बन ने उन्होंने हताश आदमी बताया, जो जंग खत्म करने में असमर्थ या अनिच्छुक है.

यह भी पढ़ें: क्या है ओरेश्निक मिसाइल? जिससे रूस ने यूक्रेन को बनाया निशाना, जानें क्यों दुनिया में मची खलबली

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यूरोपीय देश नहीं दे रहे यूक्रेन को मिसाइलें

इटली के विदेश मंत्री एंटोनियो ताजानि ने भी जेलेंस्की की टिप्पणी को गलत करार दिया और कहा कि यूरोपीय देश हर हाल में यूक्रेन की मदद कर रहे हैं, लेकिन जेलेंस्की ऐसी बातें करके अहसानफरामोश लग रहे हैं. बता दें कि यूक्रेन को मिसाइल डिफेंस सिस्टम पैट्रियट और IRIS-T इंटरसेप्टर मिसाइलों की जरूरत है, लेकिन यूरोपीय देश यूक्रेन को इनकी सप्लाई नहीं दे रहे हैं, जिस वजह से यूक्रेन अब भविष्य में रूस के हमलों का सामना करने में सक्षम नहीं है.

यूक्रेन में भयंकर ठंड, बिजली संकट गहराया

यूक्रेन में भयंकर ठंड पड़ रही है और कीव समेत उत्तरी-पूर्वी इलाकों में दिन का तापमान -7 से -4 डिग्री और रात में -12 से -20 डिग्री तक पहुंच रहा है. वहीं रूस के हमलों ने यूक्रेन में पावर सप्लाई सिस्टम को ध्वस्त कर दिया है, जिस वजह से कीव, खार्किव, चेर्निहिव, ओडेसा आदि कई शहरों में 24 घंटे में 5 से 6 घंटे बिजली दी जा रही है, इसलिए लाखों लोग बिना हीटिंग, बिजली और गर्म पानी के गुजारा कर रहे हैं. कहीं ऐसा न हो कि ठंड से लोग मरने लगे.

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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