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ईरान-इजरायल जंग में उतरा तुर्किए, गिरा दी मिसाइल; बोला- चेतावनी मानोगे तो फायदे में रहोगे

रक्षा मंत्रालय के बयान के अनुसार, ईरान की तरफ से दागी गई यह बैलिस्टिक प्रोजेक्टाइल इराक और सीरिया के हवाई क्षेत्र को पार कर तुर्किए सीमा की ओर आ रही थी.

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ईरान-इजरायल के बीच छिड़े युद्ध की आग अब पूर्वी भूमध्य सागर तक फैल गई है. नाटो सदस्य तुर्किए ने ईरान की ओर से दागी गई बैलिस्टिक मिसाइल को पूर्वी भूमध्य क्षेत्र में ही नष्ट कर दिया, जो तुर्किए के हवाई क्षेत्र की ओर बढ़ रही थी. तुर्किए के रक्षा मंत्रालय ने ईरान को सख्त चेतावनी जारी करते हुए कहा कि क्षेत्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने वाले कदमों से बचें, वरना सभी आवश्यक कदम बिना किसी हिचकिचाहट के उठाए जाएंगे.

तुर्किए ने ईरान को दी चेतावनी


रक्षा मंत्रालय के बयान के अनुसार, ईरान की तरफ से दागी गई यह बैलिस्टिक प्रोजेक्टाइल इराक और सीरिया के हवाई क्षेत्र को पार कर तुर्किए सीमा की ओर आ रही थी. पूर्वी भूमध्य सागर में तैनात नाटो के एयर डिफेंस सिस्टम ने इसे समय रहते ही नष्ट कर दिया. मिसाइल हमले में कोई हताहत नहीं हुआ और ना ही कोई आर्थिक हुआ. मिसाइल का मलबा दक्षिणी तुर्किए के हताई प्रांत में गिरा. मंत्रालय ने जोर देकर कहा कि तुर्किए अपने क्षेत्र और हवाई सीमा की रक्षा के लिए निर्णायक कार्रवाई का अधिकार रखता है.

तुर्किए ने तेज की सैन्य तैनाती


इस घटना के बाद तुर्किए ने उत्तरी साइप्रस (तुर्किए गणराज्य ऑफ नॉर्दर्न साइप्रस) में सैन्य तैनाती तेज कर दी. सोमवार को छह एफ-16 फाइटर जेट्स और एयर डिफेंस सिस्टम तैनात किए गए. मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि अगर आवश्यकता पड़ी तो और उपाय किए जाएंगे. तुर्किए को आशंका है कि ईरान समर्थित ताकतें यहां हमला कर सकती हैं.

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गौरतलब है कि साइप्रस पर ईरान समर्थित हिजबुल्लाह के ड्रोन हमले किए गए हैं. 1 मार्च को लेबनान से लॉन्च शाहेद-136 ड्रोन ब्रिटिश आरएएफ अक्रोटिरी एयरबेस पर गिरे, जहां धमाके हुए. वहीं, 4 मार्च को ग्रीस के 4 F-16 ने दो ईरानी ड्रोन इंटरसेप्ट किए. ग्रीस ने पाफोस एयरबेस पर जेट्स और एडवांस्ड युद्धपोत तैनात कर साइप्रस का साथ दिया.

क्या है तुर्किए और ईरान का विवाद?


नाटो सदस्य तुर्किए (सुन्नी बहुल देश) और शिया प्रधान ईरान के बीच पुराना विवाद रहा है. अमेरिका-इजरायल के ईरान पर हमलों के बाद साइप्रस फ्लैशपॉइंट बन गया है. जानकारों का मानना है कि अगर उत्तरी साइप्रस पर हमला हुआ तो संघर्ष बढ़ सकता है. तुर्किए ने नाटो सहयोगियों से परामर्श तेज कर दिया है.

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लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
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